हरदेव सिंह ने मायापुरी स्थित डीडी मोटर्स से संपर्क किया तो पता चला कि वहां से कोई उनकी कार नहीं ले गया है। शिकायत पर मामला दर्ज कर तिलक विहार चौकी इंचार्ज प्रवेश कौशिक व एएसआई राजेंद्र समेत अन्यों की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के अलावा आरोपियों के नंबर की सीडीआर से जांच की। रविवार को ख्याला ड्रेन, रिंग रोड से भावना और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने उड़ाई गई कार, पांच मोबाइल फोन व एक चोरी की बाइक बरामद कर ली।
पुलिस के मुताबिक, पिछले साल नवंबर तक भावना डीडी मोटर्स पर काम करती थी। देवेंद्र आईसीआईसीआई बैंक में नौकरी कर रहा है। दोनों एक-दूसरे को करीब पांच साल से जानते थे और शादी करना चाहते थे।
देवेंद्र के घर वालों को उसकी भावना से शादी मंजूर नही थी। इसी वजह से उन्होंने देवेंद्र को प्रॉपर्टी से भी वंचित कर दिया था। ऐसे में दोनों ने शादी करने के लिए ठगी शुरू कर दी। भावना ने डीडी मोटर्स की नौकरी के अनुभव का फायदा उठाया।
उसके पास कुछ ग्राहकों के नंबर थे, जो फोन कॉल पर ही कार की सर्विस कराते थे। भावना ने एक फर्जी आईडी के आधार पर नंबर का इंतजाम किया। इसके बाद नशेड़ियों से चोरी का मोबाइल खरीदकर उससे ग्राहकों को कॉल किए।
हरदेव उनके जाल में फंस गए। देवेंद्र भावना के पुराने आईकार्ड की मदद से उनके घर से कार ले आया। दोनों उसे बेचने की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2017 में देवेंद्र निहाल विहार इलाके में एक शख्स के पास ट्यूशन पढ़ने जाता था।
एक दिन उसने टीचर से बाइक मांगी। इसी दौरान उसने उसकी नकली चाबी बनवा ली। कुछ दिन बाद नकली चाबी की मदद से टीचर की बाइक चुरा ली। टीचर ने निहाल विहार थाने में बाइक चोरी की एफआईआर दर्ज कराई। इधर, देवेंद्र चोरी की बाइक को नंबर प्लेट बदलकर चलाता रहा।