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दाल में मिलाकर खिला दीं नींद की गोलियां पर डकैती डालने से पहले पकड़े गए

Tue, 18 Apr 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम

सार


- घर की नौकरानी थी सरगना, दो महिलाओं समेत आठ गिरफ्तार
- एम-3 ब्लॉक की कोठी में डकैती डालने की थी योजना
- दो पिस्टल, एक चाकू, सरिया व कारतूस बरामद 
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विस्तार
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शहर के पॉश एरिया में स्थित कोठी में डकैती डालने की नीयत से एक घरेलू नौकरानी ने घर के सभी सदस्यों को दाल में नशीली गोलियां मिलाकर खिला दीं लेकिन पुलिस को घटना से पहले ही भनक लग गई और दो महिलाओं समेत आठ लोगों को पकड़ लिया।
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इनमें से दो पर पहले भी दिल्ली और कोलकाता में चोरी-डकैती के मामले दर्ज हैं। अब पुलिस पूछताछ के लिए सभी को रिमांड पर लेगी। मामला डीएलएफ फेज-2 में एक एमएनसी के निदेशक की कोठी का है।

डीसीपी क्राइम सुमित कुमार ने बताया कि रविवार रात क्राइम यूनिट सेक्टर-17 के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र चौहान को डीएलएफ फेज-2 के एम-2 ब्लाक के पास में बोरिंग के कोठडे़ में से छह युवक व एक युवती के छुपे होने की सूचना मिली।
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उन्होंने टीम तैयार कर मौके को घेर लिया। पुलिस ने मौके से बिहार के जिला मधुबनी के गांव परसाही निवासी सुनील (27), गांव चतरू मंडल भुजियासी निवासी सत्यनारायण (28), गांव घोट प्रसाही निवासी रामकुमार ठाकुर (24), गांव भौभोरा निवासी रामक्लेश उर्फ ऋतिक राम (19), गांव बथलाह निवासी अरविंद (27), गांव घुसई निवासी मोहम्मद जाहिर (27), ओडिशा के जिला पूर्व मेहंदीपुर के गांव थलामी निवासी माधुरी (20) व ओडिशा निवासी मंजू उर्फ पूनम को गिरफ्तार किया गया है।

छह आरोपी कक्षा 5 से 10वीं तक ही पढ़े हैं, जबकि गैंग का मुखिया सत्यनारायण व अरविंद्र अनपढ़ हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो देशी कट्टे, दो कारतूस, एक लोहे की रॉड, एक स्टील की रॉड, एक सरिया, एक चाकू और एक रस्सी बरामद की है।
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पहले भी कांड कर चुका है ये गिरोह

- फोटो : google
आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना डीएलएफ में केस दर्ज किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि डीएलएफ फेस-2 में कोठी नंबर एम-3/57 एक एमएनसी के निदेशक की है।

इसमें आरोपी मंजू उर्फ पूनम घरेलू नौकर का कार्य करती थी। जो कि गैंग के मुखिया सत्यनारायण की जानकार है। मंजू की मदद से आरोपियों की इस कोठी में डकैती डालने की योजना थी।

जहां पर मंजू ने योजना के अनुसार मकान में रहने वाले सभी सदस्यों को दाल में मिलाकर नींद की गोली खिला दी थी, लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई और इन्हें दबोच लिया गया।

पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सत्यनारायण पहले भी थाना सेक्टर-29 में दर्ज चोरी व धोखाधड़ी की घटना में शामिल रह चुका है। इसके अलावा दिल्ली के मॉडल टाउन थाने में भी उस पर चोरी के 8-10 मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2017 में तिहाड़ जेल से छूटकर बाहर आया है। गहनता से पूछताछ जारी है।
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