केंद्र सरकार के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) की महिला डॉक्टर ने बुधवार को पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। वह पिछले 20 वर्ष से अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में थीं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें डॉक्टर ने आत्महत्या के पीछे विभागीय तनाव को कारण बताया है। इसका पता चलते ही रेडियोलॉजी विभागों में डॉक्टरों के पसीने छूटते रहे। अन्य विभागों के डॉक्टरों में भी चर्चा रही। प्रबंधन का कहना है कि महिला डॉक्टर ने कभी विभागीय तनाव की शिकायत नहीं की थी। 11 मार्च 2016 को उनकी पदोन्नति हुई थी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आरएमएल के रेडियोलॉजी विभाग में सलाहकार 52 वर्षीय डॉ. पूनम वोहरा ने परिसर के अपने आवास में पंखे से लटककर आत्महत्या की। उनके परिवार में पति और बच्चे हैं, लेकिन वे उस समय घर से बाहर थे। बुधवार को पूनम छु़ट्टी पर थीं।
पति घर लौटे तो फ्लैट अंदर से बंद था। आवाजों का जवाब न मिलने पर उन्होंने दरवाजे की कुंडी तोड़ी। भीतर पूनम पंखे से लटकी हुई थीं। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पूनम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को पति ने बताया कि पिछले 15 दिन से पूनम विभागीय तनाव की शिकायत कर रही थीं।
विभागीय जांच करा सकता है प्रबंधन
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूनम ने कभी विभागीय तनाव की शिकायत की होती तो जांच जरूर कराई जाती। अब दिल्ली पुलिस चाहेगी तो अस्पताल प्रबंधन विभागीय जांच कराएगा।