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कई बार जेल जाने के बाद भी इस वजह से हर बार रिहा हो जाता था दिल्ली का 'साइको रेपिस्ट'

Tue, 24 Jan 2017 03:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
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घर में रखी सुनील की स‌िलाई मशीन
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500 से भी ज्यादा बच्च‌ियों के साथ रेप करने का आरोपी द‌िल्ली का सीर‌ियल रेप‌िस्ट पहली बार ग‌िरफ्तार नहीं हुआ है। वह इससे पहले भी कई बार ग‌िरफ्तार हो चुका है और हर बार इस वजह से छूट जाता था।
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गाज‌ियाबाद से सटे बुद्ध विहार के लोगों को याद है कि एक बार एक आदमी ने सरेआम सुनील (दिल्ली का सीरियल रेपिस्ट) की पिटाई की थी। उस वक्त सुनील ने उस आदमी की डेढ़ साल की वच्ची को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हांलाकि उसने पुलिस में शिकायत नहीं की थी।

साल 2012 के सितंबर में सुनील ने एक सात साल की बच्ची को निशाना बनाया, बच्ची को सुनील ने टॉफी का लालच  दिया और कहा कि उसके पापा ने उसे भेजा है।

लड़की के पिता ने याद करते हुए बताया कि - "उसने दिखाने की कोशिश की वो मुझसे बात कर रहा है लेकिन मेरी बेटी ने समझदारी से काम लिया उसे पता था कि मेरे पास उस वक्त मोबाइल नहीं था। उसने फौरन शोर मचाया और आस-पास के लोगों ने उसे पकड़ लिया।"
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( स्टोरी साभार - इंडियन एक्सप्रेस )

अपहरण के मामले में हो चुका था गिरफ्तार

सीर‌ियल रेप‌िस्ट - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद के विजय नगर थाने में रिपोर्ट लिखवाई,केस भी दर्ज हुआ था। कई लोगों ने आरोपी के खिलाफ बयान भी दिए,वे कई सुनवाइयों पर भी गए थे। लेकिन फिर यह बड़ा झमेला हो गया। "मैंने पुलिस को कहा कि मैं अब और ये सब नहीं कर सकता।"

उस वक्त सुनील अपहरण के मामले में गिरफ्तार हुआ लेकिन फिर 10 महीने बाद उसे छोड़ दिया गया था। लगभग 200 किमी दुर रुद्रपुर में एक पिता को याद है कि फरवरी 2016 में ऐसा ही कुछ उनकी 10 साल की बेटी के साथ हुआ था।

उस वक्त सुनील वच्ची को सुनसान जगह ले जाने मे कामयाब रहा लेकिल एक परिचित दुकानदार ने बच्ची को पहचान कर सुनील को पकड़ लिया। मौके पर ही उसकी जमकर पिटाई हुई थी।
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मार खाकर भी फर्क नहीं पड़ता था रेपिस्ट को

सीर‌ियल रेप‌िस्ट - फोटो : सोशल मीड‌िया
उन्होंने बताया कि - "सुनील को हमारे घर लाया गया। लेकिन उसे देखकर लग नहीं रहा था कि उसे फर्क पड़ा है। उसकी पिटाई न हो इसलिए उसे कमरे में बंद करना पड़ गया था।"

सुनील को जान से बचाने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। अगली सुबह सारे अखबारों में यह खबर छपी थी। स्थानीय थाने के एसएचओ सुशील कुमार ने बताया कि सुनील के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जिसमें आइपीसी की विभिन्न धाराओं और प़ॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।

उसे 6 महीने की जेल हुई थी। उन्होंने कहा कि - "लेकिन उसे पिछले साल अगस्त में बेल मिल गई थी। अभी हम उत्तराखण्ड में उन लोगों की तलाश कर कहे हैं जिन्होंने उसकी बेल करवाई थी।"
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