इन पर लगातार नजर रखने के बाद 17 जुलाई को स्पेशल सेल को सूचना मिली कि कारों का काफिला लाजपत नगर इलाके में आएगा। इस पर पुलिस ने आश्रम चौक पर घेराबंदी कर अलग-अलग कारों में घूम रहे बल्लभगढ़, हरियाणा निवासी धीरज उर्फ दीपक और महारानी बाग, दिल्ली निवासी रईस खान को पकड़ लिया।
दोनों की कारों से 30-30 किलो हेरोइन बरामद की गई, जो कि पिछली सीट के नीचे बनी विशेष जगहों पर छिपाकर रखी हुई थी। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने जाकिर नगर में दबिश दी और वहां से दो अफगान नागरिक शिनवारी रहमत गुल और अख्तर मोहम्मद शिनवारी को गिरफ्तार कर लिया।
यहां पर आरोपियों ने केमिकल के जरिये हेरोइन को फिर से तैयार करने की यूनिट लगा रखी थी। इस यूनिट से 60 किलो हेरोइन बरामद की गई। यूनिट के बाहर से पांचवें आरोपी जामिया नगर निवासी वकील अहमद को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपनी कार में 30 किलो हेरोइन छिपा रखी थी।
पुलिस ने यूनिट से हेरोइन को फिर से तैयार करने के उपकरण, केमिकल व चार लग्जरी कारें बरामद की हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस मौके की फॉरेंसिक जांच करवाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिनवारी रहमत गुल (30) लगातार भारत आता रहता था। उसे अफगानिस्तान की हेरोइन फैक्टरी में काम करने का अनुभव है। इस सिंडिकेट ने उसे यूनिट में फिर से हेरोइन तैयार करने के लिए भारत बुलाया गया था। अख्तर उसकी सहायता करता था। धीरज एक्सपर्ट ड्राइवर था। बाकी दोनों हेरोइन सप्लाई करते थे।