पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र कुमार खनेजा पत्नी सरला के साथ 349, माउंट कैलाश अपार्टमेंट में रहते थे। वीरेंद्र एक निजी कंपनी से ऊंचे पद से सेवानिवृत्त थे। उनका बेटा अमित खनेजा परिवार के साथ अमेरिका में रहता है, जबकि दूसरे बेटे सुमित खनेजा (40) की बीमारी से पिछले साल मौत हो गई थी। सुमित तलाकशुदा था।
बेटे की मौत और अकेलेपन से दंपती परेशान रहते थे। इधर, अमित परिजनों से फोन पर बातचीत करता रहता था। 16 जनवरी को आखिरी बार उसकी माता-पिता से बातचीत हुई थी। इसके बाद उसके माता-पिता का नंबर बंद आता रहा। अमित ने गुरुग्राम में रहने वाले रिश्तेदार से माता-पिता का पता लगाने के लिए कहा।
इधर, रिश्तेदार शनिवार को घर पहुंचा तो फ्लैट अंदर से बंद मिला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने पड़ोसियों और रिश्तेदार की मौजूदगी में फ्लैट का दरवाजा तोड़ा। घर के अंदर एक कमरे में फर्श पर बुजुर्ग दंपती के शव बरामद हुए।
महिला के हाथ पैर बंधे थे। दोनों के शव देखने में छह से सात दिन पुराने लग रहे थे। पुलिस ने अमित को सूचना देकर शवों को एम्स मोर्चरी भेज दिया। पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि फिलहाल दोनों की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा। शुरूआती जांच के बाद फ्लैट में किसी बाहरी शख्स के आने के सुराग नहीं मिले हैं। फ्लैट का दरवाजा भी अंदर से बंद था।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बुजुर्ग को आखिरी बार 18 जनवरी को देखा गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसके बाद वह अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकले। कोई बाहरी शख्स उनके फ्लैट में आया या नहीं, इसकी छानबीन की जा रही है।
दंपती की नौकरानी से पूछताछ जारी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंपती के यहां काम करने वाली नौकरानी को अमर कॉलोनी थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। नौकरानी का कहना है कि फ्लैट बंद होने के कारण वह रोजाना वापस लौट जाती थी। इधर, सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग दंपती के घर के दरवाजे में अंदर-बाहर दोनों जगहों से चाबी लग जाती है। ऐसे में किसी भी बाहरी शख्स के अंदर जाने की संभावना है। पुलिस इस दृष्टिकोण से भी मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस आत्महत्या की जता रही आशंका
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि बुजुर्ग वीरेंद्र ने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। शायद वह बेटे की मौत और अकेलेपन से परेशान थे। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीरेंद्र और उनकी पत्नी दिल्ली पुलिस के सीनियर सिटीजन सेल में पंजीकृत थे। नए साल पर बीट अधिकारी ने दोनों को घर जाकर बधाई दी थी। इसके अलावा 15 जनवरी को बीट स्टाफ ने दंपती के कहने पर उनकी पानी की टंकी साफ कराने के अलावा उनका हालचाल भी लिया था।