दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दक्षिण जिला के दो बिल्डरों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फ्लोर को खरीदने का बहाना बनाकर बिल्डरों से फ्लोर के एग्रीमेंट के कागजात बनवा लिए।
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मंगेश कश्यप ने बताया कि अक्तूबर 2014 में सफदरजंग एन्क्लेव निवासी दो बिल्डरों हरीश अरोड़ा और संदीप चावला ने शाखा में करोड़ों की ठगी की शिकायत दर्ज करवाई।
जिसके मुताबिक मई 2014 में सफदरजंग एन्क्लेव निवासी राहुल पुरी ने उनसे संपर्क कर सफदरजंग एन्क्लेव की एक प्रॉपर्टी पर चार मंजिल बनाने के लिए अनुबंध किया। राहुल ने बिल्डरों को दूसरी मंजिल और नीचे का 25 फीसदी हिस्सा देने का वायदा किया।
इसके एवज में बिल्डरों ने राहुल को 2.10 करोड़ रुपये दिए। बिल्डरों ने चार मंजिल इमारत का निर्माण कर दिया। उसने दूसरी मंजिल को 5.45 करोड़ रुपये में बेचने का लालच देकर पांच लाख रुपये नगद और सात पोस्ट डेटेड चेक देकर एग्रीमेंट टू सेल तैयार करवा लिया। सभी चेक बाउंस होने पर बिल्डरों ने इसकी शिकायत की।
पुलिस ने पाया कि राहुल और राजीव पुरी ने इस प्रॉपर्टी पर पहले से ही दिवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन से 3.25 करोड़ रुपये का लोन ले रखा था। पुलिस उसको जालसाजी में पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है।