फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नमस्ते कर लोगों से करते थे लूटपाट, पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को किया गिरफ्तार

Mon, 22 May 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
गिरफ्तार नमस्ते गैंग के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नमस्ते कर राहगीरों से लूटपाट का सैंकड़ा लगाने वाले चार बदमाशों को पूर्वी जिला पुलिस ने दबोचा है। गिरफ्तारी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए आरोपियों को काबू कर लिया। 
विज्ञापन


पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव बेहरमपुर, जानी, मेरठ, यूपी निवासी व गैंग लीडर जावेद मलिक उर्फ जेडी (29), शास्त्री नगर, मेरठ निवासी मो.शाहिद (31) दिल्ली निवासी वसीम मलिक (31) और इकरार अहमद उर्फ भूरा (34) के रूप में हुई है। 
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्टल, दो स्कूटी, दो अंगूठी और सात सोने की चेन बरामद की हैं। चोरों आरोपियों की 51 मामलों में पुलिस को तलाश थी।  
    
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में खासकर पूर्वी जिला में नमस्ते गैंग वारदातों को अंजाम दे रहा था। जगतपुरी थाना पुलिस ने मामले की छानबीन की। जांच के दौरान पुलिस ने वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग की पहचान मुस्तफाबाद गैंग के रूप में की। 
विज्ञापन


इसी दौरान शुक्रवार देर रात को पुलिस को सूचना मिली कि गैंग वारदात को अंजाम देने रोड नंबर-57 के पास आने वाला है। बदमाशों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया। इस बीच बदमाश जगतपुरी लाल बत्ती के पास आ गए।      

पुलिस टीम को देखते ही स्कूटी के पीछे दोनों बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने चारों बदमाशों को काबू कर लिया। छानबीन के दौरान उनके पास से दो खोखे, दो पिस्टल व जेवरात बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गैंग मुस्तफाबाद इलाके में रहकर वारदातों को अंजाम दे रहा है। 

एक दिन में बदमाश आधा दर्जन वारदातों को अंजाम देकर लौटते हैं। इन लोगों ने दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। कुल 51 मामलों में पुलिस को गैंग की तलाश थी। पूर्वी जिला पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।      
विज्ञापन

ऐसे देते थे आरोपी वारदात को अंजाम

डेमो पिक
पकड़े बदमाश बड़े ही अनोखे अंदाज में वारदात को अंजाम देते थे। यह लोग चार से पांच युवकों के ग्रुप में निकलते थे। ऐसे लोगों को ज्यादा टारगेट किया जाता था जो जेवरात पहने हुए होते थे या फिर कार में बैठे होते थे। आरोपी पीड़ितों को शिकार बनाने से पहले हाथ जोड़कर नमस्ते करते थे। 

पीड़ित को ऐसा लगता था कि आरोपी उनके जानकार हैं। पीड़ित नमस्ते ही वजह से रुक जाता था। बदमाश या तो पीड़ित की कार में घुस जाते थे या हथियार दिखाकर उनका कीमती सामान उतरवा लेते थे। बाद में वह फरार हो जाते थे। एक दिन में बदमाश पांच से छह वारदातों को अंजाम देते थे।     
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें