दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को अपने जिस हवलदार पर नाज था अब उसी की करतूतों नेे उसको शर्मसार कर दिया है। पिछले दिनों केरल पुलिस की एसआईटी ने दिल्ली से एक बदमाश को दबोचा तो उसने खुलासा किया कि उनके गैंग का लीडर हवलदार असलप खान है।
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अपराध शाखा का स्टार कॉप माने जाने वाला हवलदार असलप खान पिछले छह माह से ड्यूटी से गायब था। मामले का पता चलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने असलप को सस्पेंड कर दिया है। फिलहाल असलप फरार है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक मूलरूप से मेवात का निवासी असलप खान अपराध शाखा के आरके पुरम ऑफिस में तैनात था। 15 दिसंबर 2016 को उसने निजी काम की बात कर एक माह की छुट्टी ली थी।
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बाद में छुट्टी को एक माह और बढ़ा ली थी। छुट्टियां पूरी होने के बाद भी उसने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। छह माह से अधिक गैर हाजिर रहने की वजह से उसकी सैलरी रोक दी गई है। इधर पिछले दिनों केरल पुलिस की एसआईटी ने दिल्ली कनॉट प्लेस इलाके से कार समेत हिसार निवासी सुरेश को दबोचा था।
सुरेश पहले असलप का मुखबिर था
सांकेतिक चित्र
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि असलप खान उसके गिरोह का मुखिया है। सुरेश पहले असलप का मुखबिर था। लेकिन बाद में असलप ने अपना गिरोह बना लिया, जिसमें वह शामिल हो गया। गिरोह केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में रेकी कर एटीएम और बैंकों में लूटपाट व चोरी की वारदात को अंजाम देता है।
केरल के अलपुजा जिले के मुख्य पुलिस अधिकारी वीएम मोहम्मद रफीक के मुताबिक सुरेश को गिरफ्तार करने केे बाद रविवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर केरल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक केरल पुलिस ने सुरेश के जरिये असलप खान को बुलाने का भी प्रयास किया था, लेकिन सुरेश के पकड़े जाने की भनक लगने के बाद वह फरार हो गया। अब केरल पुलिस असलप और उसके गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।
पुलिस की पूछताछ में सुरेश ने खुलासा किया कि यह लोग दक्षिण भारत के राज्यों में जाते थे। सुरेश सुनसान जगह वाले एटीएम को पता लगाता था, जहां पर कोई गार्ड नहीं होता था। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने वाले रास्तों की पहचान कर ली जाती थी। इसके बाद गैंग के सदस्य एटीएम के पास किसी होटल में कमरा लेते थे। गैस कटर की मदद से एटीएम काटकर कैश निकाल लिया जाता था। मूवमेंट के लिए एंबुलेंस की नंबर प्लेट लगी वैन का इस्तेमाल किया जाता था। केरल से निकलते ही नंबर प्लेट बदल देते थे। इसके अलावा कई बार पुलिस पिकेट पर असलप अपना आईकार्ड दिखाकर भी निकल जाता था।
असलप ने मेवात में पकड़वाए थे कई बदमाश
अधिकारियों के मुताबिक असलप की पहचान स्मार्ट पुलिसवाले के तौर पर बनी थी। उसके काम की वजह से उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सिपाही से हवलदार बना दिया गया था। मेवात का लोकल होने के कारण उसकी मेवात के बदमाशों पर अच्छी पकड़ थी। भारत नगर इलाके में पुलिस पिकेट पर दिल्ली पुलिस के सिपाही की हत्या करने वाले गैंग के बदमाशों को पकड़वाने में असलप की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसके अलावा उसने कई बदमाशों को पकड़वाया था।
जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
वारदात में शामिल होने की जानकारी मिलते ही 31 मई को असलप खान को सस्पेंड कर दिया गया है, फिलहाल केरल पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।- मधुर वर्मा, दिल्ली पुलिस प्रवक्ता व अपराध शाखा पुलिस उपायुक्त