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'स्पेशल 26' की तरह विदेशियों को लूटता था ये पुलिसवाला

Sun, 20 Apr 2014 05:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फर्जी रेड डालकर ड्रग्स व नकली नोटों का धंधा करने की बात कहकर अफगानी व्यवसायियों को लूटने वाले गिरोह के चार बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। आरोपियों में एक दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल है। इसके अलावा दो आरोपी अफगानी हैं, जो गिरोह को पैसा लेकर आए अफगानी नागरिकों की सूचना देते थे।
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पुलिस ने इनके पास से लूटे गए 16 लाख रुपये, लूट के रुपयों से खरीदा गया करीब 19 लाख का माल बरामद किया है। इसमें इनोवा कार व महंगी बाइक भी शामिल है। अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि आठ अप्रैल को बल्लीमारान में अफगानी शमीम को लाल रंग की इंडिका कार सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया था।

बदमाशों ने खुद को कमला मार्केट पुलिस का स्पेशल स्टाफ बताते हुए कहा था कि उसके पास भारी मात्रा में नकली नोट हैं। इसके बाद शमीम से 1.27 लाख यूएस डॉलर यानी करीब 80 लाख रुपये लूटकर उसे महिपालपुर के जंगलों में फेंक दिया गया। शमीम ने मध्य जिला के हौजकाजी थाने में इसकी शिकायत की।
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इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल गैंग के बदमाश निजामुद्दीन में श्मशान घाट के पास आने वाले हैं। पुलिस ने गांव नंगला कनवाड़ा, बागपत निवासी यशवीर (43) (दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल, बदरपुर थाने में तैनात), दिल्ली निवासी आरिफ खान (38) और अफगानी नागरिक आगा खान (42) व वली आगा खान (25) को गिरफ्तार कर लिया।

इन लोगों ने गैंग सरगना नदीम के साथ मिलकर वारदात की थी। पुलिस नदीम की तलाश कर रही है। लूट के बाद आरिफ ने 11 लाख रुपये की इनोवा कार व 1.85 लाख की बाइक खरीदी थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

वली देता था जानकारी
वली आगा खान बल्लीमारान के काबुल जायका रेस्टोरेंट में वेटर था। रेस्टोरेंट के बराबर में समीर गेस्ट हाउस है। ज्यादातर अफगानी व्यवसायी यहां आकर रुकते हैं। वली को पता चल जाता था कि किसके पास मोटा माल है। वह व्यवसायियों की जानकारी आगा खान को देता था। आगा आगे नदीम और उसके रिश्ते के भाई आरिफ को जानकारी देता था।

रेड डालने के नाम पर यशवीर इनका साथ देता था। वली ने बताया कि ज्यादातर अफगानी नागरिक सिगार और अन्य सामान लेकर आते हैं। उसकी रकम को डॉलर में बदलकर देश वापस लौट जाते हैं। शमीम ने भी ऐसा ही किया था। इन्होंने दो वारदात अंजाम दी हैं।

यशवीर लूट में दिखाता था आईडी
लूटपाट के दौरान यशवीर अपने दिल्ली पुलिस के आईकार्ड का बखूबी इस्तेमाल करता था। लूटपाट के दौरान शमीम ने शोर मचाकर भीड़ को इकट्ठा कर लिया था। वहां लोकल पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी आ गया था। यशवीर ने भीड़ और हेडकांस्टेबल को आईकार्ड दिखाते हुए बताया कि वह कमला मार्केट स्पेशल स्टाफ से है।

शमीम के पास ड्रग्स व नकली नोट होने की खबर मिली है। हेड कांस्टेबल ने यशवीर से कहा कि वह यहीं पर इसकी तलाशी ले। तलाशी के दौरान शमीम के पास से 1.27 लाख डॉलर मिले। यशवीर ने इन्हें नकली बताकर शमीम को थाने ले जाने की बात की। इसके बाद आरिफ, नदीम और यशवीर ने जबरन शमीम को कार में बिठा लिया। कार में उसे पीटा भी गया।

शमीम को पहले से था लूट का डर
शमीम पहले भी कई अफगानी नागरिकों को टैक्सी में लूटे जाने की खबर सुन चुका था। 8 अप्रैल को उसकी काबुल के लिए फ्लाइट थी। शमीम ने टैक्सी से न जाकर मेट्रो से एयरपोर्ट जाने की योजना बनाई। सुबह वह पैदल मेट्रो स्टेशन के लिए निकला, लेकिन पहले से घात लगाए बदमाशों ने अगवा कर लिया।
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