हुडा के मास्टर प्लान में फ्लैट देने के नाम पर ठगी करने वाले बिल्डर प्रबंधन के दस लोगों के खिलाफ डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस ने बुधवार को धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एमआर/एजीएफ कंपनी ने हुडा के सेक्टर 65 में प्रोजेक्ट लांच किया। जिसमें लोगों ने निवेश किया है। कंपनी ने अब तक कोई कब्जा नहीं दिया है। जिसकी शिकायत निवेशकों की ओर से गठित आरडब्लयूए की प्रधान रमा चावला ने डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस को दी।
जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने कर बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ अपनी रिपोर्ट दी। डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस के अनुसार जिन बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया वे एमआर/एमजीएफ कंपनी से जुड़े हैं। इन बिल्डरों में तीन सऊदी अरब के हैं। फिलहाल इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एमआरलैंड हिल्स ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रमा चावला की ओर से पुलिस को शिकायत मिली है।
मामला आठ साल पुराना है। आरोप है कि कंपनी और बिल्डरों ने सोसायटी में फ्लैट कंस्ट्रक्शन के नाम पर धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनमें श्रवण गुप्ता, शिल्पा गुप्ता, अनिल भल्ला, अभिराम सेठ, संजय मल्होत्रा, भारत भूषण, मोह मद अली रशीद, अहमद जलाल, हारून सइद सिद्दिकी, अमित जैन, आशीष नारायण और खुद एमार/एमजीएफ कंपनी है। पुलिस के अनुसार उक्त लोगों में मोहम्मद अली रशीद, अहमद जलाल और हारून सिद्दिकी दुबई, सऊदी अरब के बताए जाते हैं। डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी है।