फरीदाबाद में मेट्रो अस्पताल में भर्ती एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुस्साए मायके वालों ने उसकी ससुराल पर हमला कर दिया, घर के शीशे तोड़ डाले और ससुराल के लोगों की पिटाई तक कर डाली। हमले में ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए। महिला को नाजुक हालत में 22 सितंबर को भर्ती कराया गया था।
भूड़ कॉलोनी ओल्ड फरीदाबाद निवासी पवन ने बेटी ममता का विवाह गली नंबर 22 निवासी मुकेश कुमार से फरवरी 2007 में किया था। पवन कुमार का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराली उनकी बेटी को दहेज के लिए तंग कर रहे थे। परेशान होकर उन्होंने 2008 में ममता के ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
2016 में भी ससुरालियों से तंग आकर महिला सेल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि ससुराल के लोग ममता को मायके वालों से बात तक नहीं करने देते थे। 22 सितंबर की दोपहर जेठ रवींद्र ने सूचना दी कि ममता की तबीयत खराब है उसे मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल पहुंचे भाई ने ममता को वेंटिलेटर पर बेहोश हालत में पाया। आरोप है कि ममता ने भाई को इशारों में बताया कि ससुरालियों ने उसे जहर दिया है। पवन कुमार की शिकायत पर मुजेसर थाने में ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था।
इधर ससुर वेद प्रकाश आरोप को गलत बताते हैं, उनका कहना है कि मेट्रो अस्पताल में बताया गया था कि ममता की दोनों किडनी खराब हो गई है, अस्पताल ने इसकी मेडिकल रिपोर्ट भी दी हैं। सोमवार देर रात ममता की इलाज के दौरान मौत हो गई।
गुस्साए परिजनों ने वेद प्रकाश के घर पर हमला बोल कर तोड़फोड़ और मारपीट की। एसएचओ मुजेसर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, मामले की तफ्तीश जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।