उपमंडल के गांव नीमखेड़ा में बीती 28 मार्च को हुए दलित परिवार की लड़की के अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार को मामला दर्ज करवाना मंहगा पड़ रहा है। पीड़ित परिवार द्वारा दबंग आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाते ही उन्हें लगातार दबंग लोगों से जान से मारने की धमकियां मिल रहीं हैं।
जिससे तंग आकर पीड़ित दलित परिवार ने गांव से पलायन करने का मन बना लिया है। मेवात पुलिस के इस मामले में लचर रवैये के चलते इस मामले से जुडे़ सभी आरोपी अभी तक पुलिस गिरत से बाहर हैं। जिसको लेकर बुधवार को पीड़ित दलित परिवार के सदस्यों ने फिरोजपुर झिरका के तहसीलदार को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
उपमंडल के गांव नीमखेड़ा के हेमराज पुत्र मंगतराम ने बुधवार को तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन के जरीए आरोप लगाया कि गत माह 28 मार्च 2016 को उसकी बेटी का अपहरण गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने जबरदस्ती कर लिया था।
लड़की के अपहरण के शिकायत उसने मेवात की महिला सेल को दे दी गई थी। जिसपर पुलिस ने इस संदर्भ में कई धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया था। लेकिन मामले के करीब दो माह बीत जाने तथा पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते उसकी लड़की का अभी तक सुराग नहीं लगा है।
पुलिस इस मामले में ठोस कार्रवाई न करके बल्कि उनके ऊपर ही इस मामले को रफादफा करने का दबाव बना रही है। पीड़ित हेमराज ने ज्ञापन के जरीए बताया कि वह अतिपिछडी जाति से संबंध रखते हैं। जिसके चलते गांव के दबंग लोग लगातार उनके ऊपर फैसला करने को लेकर दबाव बनाकर जान से मारने की धमकी देते रहते हैं।
पीड़ित ने बताया कि यदि उन्हें पुलिस प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो वह अपने बच्चों की जानमाल की सुरक्षा के चलते गांव से पलायन कर लेंगे। पीड़ित ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
इस संदर्भ में मेवात महिला सेल डीएसपी शकुन्तला देवी ने बताया कि उक्त मामले में पीड़ित परिवार व आरोपियों के परिजनों को थाने में बुलाया गया है। पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को पूरा न्याय दिया जाएगा। जो भी इसमें दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।