नोएडा में एक महिला को दो लोगों ने बड़ा चूना लगा दिया। दिल्ली स्थित लक्ष्मी नगर निवासी वीनस वर्मा नोएडा सेक्टर-19 स्थित प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं।
वीनस के पास कुछ दिनों पहले क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए एक फोन आया। वीनस ने उनसे बात कर उन्हें मिलने बुला लिया। उन दोनों ने वीनस को अपनी बातों में कुछ इस तरह फंसाया कि वीनस उनपर विश्वास कर बैठी। यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई और कुछ ऐसा हुआ कि उसे 92 हजार रुपए की चपत लग गई।
क्रेडिट कार्ड बनवाने की हुई थी बात
वीनस वर्मा जो प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट हैं का खाता सेक्टर-2 स्थित एसबीआई बैंक में है। गत 13 मार्च को उनके पास महेश नाम के एक युवक ने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए फोन किया। उन्होंने युवक को अपने ऑफिस में बुला लिया।
कुछ ही देर बाद दो युवक वहां आए और एसबीआई बैंक का आई कार्ड दिखाते हुए कहा कि वे क्रेडिट कार्ड बनाते हैं। युवकों ने महिला से वोटर आई कार्ड, पैन कार्ड एवं डेबिट कार्ड आदि की फोटो कॉपी ले ली। इसके बाद युवक जांच पड़ताल के बाद कार्ड बनाने की बात कहते हुए चले गए।
27 मार्च को वीनस के मोबाइल पर अरुणा आसिफ अली मार्ग दिल्ली के एसबीआई एटीएम से दो बार में 20-20 हजार कर 40 हजार रुपये निकालने के मैसेज आए। लेकिन मैसेज पर उनका ध्यान नहीं गया।
कई बार में निकाले खाते से पैसे
आरोपी केवल 40 हजार रुपए निकाल ही नहीं माने, पांच अप्रैल को फिर महेश का फोन आया कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट
बढ़वाने के लिए 50 हजार रुपये खाते में जमा कराने होंगे। कुछ देर में वीनस
ने अपने खाते में 50 हजार रुपये जमा करा दिए।
उसी दिन उनके खाते से
दो बार में 40 हजार रुपये प्रीतमपुरा दिल्ली स्थित एक एसबीआई एटीएम से निकल
गए। इसका मैसेज जैसे ही वीनस के पास आया उन्होंने मामले की शिकायत एसबीआई
के कॉल सेंटर से की। अगले दिन छह अप्रैल को फिर उनके खाते से दो बार में 10 हजार और 1400 रुपये निकाल लिए गए। उनके खाते में अब मात्र 83 रुपये बचे हैं।
नौ
अप्रैल को दिल्ली स्थित एसबीआई जोनल ब्रांच से संजय जैन ने फोन कर उन्हें
हेड ऑफिस आने को कहा। वहां उनको एटीएम की सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई, जिसमें
दोनों ठग युवकों की तस्वीर कैद थी। एक आरोपी युवक को उन्होंने पहचान लिया।
मामले की शिकायत थाना सेक्टर-20 पुलिस से की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर
आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।