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साइबर ठगों ने कई लोगों को पौने दो लाख की लगाई चपत

Mon, 10 Apr 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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शहर में आए दिन साइबर ठगों द्वारा वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। कभी बैंक अफसर बनकर कॉल करते हैं तो कभी लोन देने के नाम पर लोगों को अपने झांसे में लेकर खाते से संबंधित सूचनाएं एकत्र कर लेते हैं। इसके बाद खाते से सेंध लगाकर रुपये उड़ा लेते हैं।
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हालांकि बैंक अफसर भी ग्राहकों को समझाते हैं और बैंकों में इस तरह के पंपलेट चस्पा कर रखे हैं। मगर लोग लालच में आकर अपनी जमा पूंजी को भी गवां देते हैं। इसी तरह के अलग-अलग चार मामलों में करीब पौने लाख रुपये से अधिक की चपत लगा दी।

घटना एक-
सेक्टर-41 में पूजा नाम की महिला परिवार के साथ रहती है। शनिवार को उनके पास एक बैंक अफसर बनकर साइबर ठग ने फोन किया। ठग ने अकाउंट पर ऑफर देने की बात की और महिला से पूरी डिटेल प्राप्त कर ली। इसके बाद रुपये निकालने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी। पीड़िता के मोबाइल पर आए ओटीपी नंबर को भी लालच देकर हासिल कर लिया और 30 हजार रुपये अकाउंट से निकाल लिए। पीड़िता के अकाउंट से जब रुपये निकलने का मैसेज आया तो वह घबराई और परिजनों को सूचना दी। पीड़िता ने सेक्टर-39 में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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घटना दो-
सेक्टर-44 में शौर्य डोयाल परिवार के साथ रहते हैं और उनके पास क्रेडिट कार्ड है। दो अप्रैल की रात को अचानक उनके पास एक मैसेज आया जिसमें 30 हजार रुपये निकालने का मैसेज आया। अभी उस मैसेज को पढ़ रही रहे थे कि 39,598 रुपये का फिर एक मैसेज आया। पीड़ित के खाते से  69 हजार 598 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने सेक्टर-39 कोतवाली में घटना की तहरीर दी है।

घटना तीन-
सेक्टर-10 में विवेक कुमार परिवार के साथ रहते हैं और एक कंपनी बतौर अस्सिटेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत है। 3 अप्रैल को उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपने आप को एक फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए उनके बैंक खाते पर वाहन लोन का ऑफर होना बताया था। विवेक कुमार ने कार के लिए लोन की इच्छा जताई। इस पर बैंक कर्मी ने उनके अकाउंट और पेन नंबर समेत पूरी जानकारी जुटा ली। 7 अप्रैल को विवेक के अकाउंट 24 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया तो वह चौक गया। पीड़ित ने सेक्टर-20 कोतवाली में शिकायत दी है।

घटना चार-
सेक्टर-15 में बिहार के गोपालगंज निवासी महेश गुप्ता रहते हैं। वह एक रियल स्टेट कंपनी में काम करते हैं और पिछले सप्ताह उन्होंने क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक में आवेदन किया था। 4 अप्रैल को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए एक व्यक्ति ने फोन किया और वेरीफिकेशन के नाम पर उनसे खाते संबंधित जानकारी जुटा ली। इसमें डेबिट कार्ड का पिन और पीछे लिखे चार डिजिट के नंबर भी ले लिए। साइबर ठग ने महेश गुप्ता के खाते से 42 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने सेक्टर में तहरीर दी है।
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कुछ सुझाव-
-यदि किसी व्यक्ति के पास कोई फोन आए और वह बैक से संबंधित जानकारी मांगे तो वह नहीं देनी चाहिए।
-यदि किसी व्यक्ति को लोन या बैंक से कोई काम कराना है और दस्तावेज देने हैं तो उन पर उक्त विवरण लिख दें।
-यदि कोई व्यक्ति आपके खाते पर या कोई और लालच दे तो जरा सावधान हो जाएं।
-आपके मोबाइल पर रुपये निाकलने से पहले ओटीपी नंबर आता है उसे किसी को न बताएं
-अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड अथवा बैंक खाते की कोई जानकारी किसी दूसरे को न दें।
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