दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मियांवली तिहरे हत्याकांड में एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। स्पेशल सेल ने कर्नाटक से राजेश उर्फ राजे को गिरफ्तार किया है। राजेश मियांवली तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर का राइटहैंड था।
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स्पेशल सेल अधिकारियों का कहना है कि अगर राजेश न होता तो सोनू दरियापुर इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम नहीं दे पाता। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने राजेश की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था।
आरोपी को हरियाणा पुलिस भी तलाश कर रही थी। इसने रोहतक कोर्ट में रमेश लौहार पर हमला किया था। कर्नाटक में बैठकर ये फिर से रमेश लौहार पर हमला करने की तैयारी कर रहा था।
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स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह के अनुसार मियांवली में तिहरे हत्याकांड के बाद स्पेशल सेल में तैनात उमेश बड़थ्वाल की टीम आरोपियों को पकडने में लगी हुई थी। मियांवली तिहरे हत्याकांड में गैंगस्टर भूपेन्द्र उर्फ मोनू दरियापुर, उसका दोस्त अरुण सेतानी और मोनू का पीएसओ दिल्ली पुलिस के एएसआई विजय की मौत हो गई थी।
दूसरे पीएसओ सिपाही कुलदीप को गोलियां लगी थीं। इंस्पेक्टर उमेश बड़थ्वाल की टीम ने 20 मई को सोनू दरियापुर गिरोह के रोहतक निवासी सतीश को गिरफ्तार किया था। उसने राजेश, सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर, सुमित, सोनू केजरीवाल व अन्य के साथ तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी।
नवीन खत्री को स्पेशल सेल ने आठ जून को गिरफ्तार किया था
आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दूसरे आरोपी नवीन खत्री को स्पेशल सेल ने आठ जून को गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर उमेश बड़थ्वाल, भूषण आजाद व रेनू यादव की टीम ने तीसरी गिरफ्तारी राजेश(47) के रूप में 26 जुलाई को कर्नाटक से की है।
इसे रोहतक में देवेन्द्र कोच की हत्या में उम्रकैद की सजा हो रखी है। रमेश लौहार की हत्या करने केलिए ये पेरोल जंप कर गया था और इसने सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर से हाथ मिला लिया था।
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार हाल केसमय में दिल्ली, हरियाणा व यूपी में काफी गैंगवार हुई थी। गैंगवार के चलते कई गिरोह बन गए थे। इनमें सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर गैंग, ज्योति बाबा/कपिल नंदू गैंग, मंजीत माहाल गैंग, नवीन खत्री गैंग, किशन पहलवान गैंग और हेमंत पांडेय गैंग पैदा हो गए थे।
इन गैंग के बीच हुई गैंगवार में काफी लोगों की जिंदगी खत्म हो गई थी। राजेश रमेश लौहार को मारना चाहता था और सत्यवान उर्फसोनू दरियापुर भूपेन्द्र उर्फ मोनू दरियापुर को मारना चाहता था। ऐसे में दोनों ने हाथ मिला लिया था।
रमेश लौहार की किशन पहलवान गिरोह के साथ दोस्ती थी। रमेश को किशन पहलवान का संरक्षण मिला हुआ था। सोनू दरियापुर के चलते राजेश की मंजीत महाल, नवीन खत्री, विजय लांबा और परमजीत आदि गिरोह केसदस्यों से अच्छे संबंध थे।
दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में उतर गया
सांकेतिक चित्र
- फोटो : ani
रोहतक में पैदा हुआ गांव बोहर, रोहतक हरियाणा निवासी राजेश स्कूल टाइम में ही गलत संगत में पड़ गया था और शराब की तस्करी करने लगा। उसके दोस्त राजीव केरा की वर्ष 1997 में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के छात्र नेता देवेन्द्र उर्फ कोच ने हत्या कर दी थी।
राजेश इस हत्या मामले का गवाह था। इस मामले में जितेन्द्र उर्फ चिकारा, रविन्द्र, शिव कुमार और ढिल्ला गिरफ्तार हुए थे। ये लोग गवाह राजेश को धमकाने लगे। राजेश ने ये बात हरियाणा पुलिस में सिपाही अपने भाई नरेश उर्फ काला को बताई थी।
इसके बाद उसने देवेन्द्र कोच की हत्या करने की ठान ली। राजेश ने पवन, यशपाल और राजीव उर्फ पोचू के साथ मिलकर देवेन्द्र कोच की वर्ष 1998 में एमडीयू केलॉ डिपार्टमेंट में हत्या कर दी थी। सभी गिरफ्तार हुए थे। नरेश ने हरियाणा पुलिस छोड़कर मित्राऊ, दिल्ली केअनूप बलराज गिरोह में शामिल हो गया था। राजेश को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
मामूली बात पर हत्या कर दी थी-
राजेश ने मामूली बहस होने पर रोहतक केबलकर सिंह की जून, 2010 में हत्या कर दी थी। राजेश इस मामले में गिरफ्तार हुआ था। कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। नरेश की बोहर, रोहतक के रमेश लौहर से दुश्मनी थी। जब नरेश अनूप-बलराज गिरोह में शामिल हो गया तो किशन पहलवान गिरोह ने रमेश लौहार को नरेश पर हमला करने के लिए कहा था। जब रमेश लौहार किशन गैंग केगिरोह के साथ नरेश पर हमला करने की तैयारी में था तभी दिल्ली पुलिस व रोहतक पुलिस ने उसे रोहतक से गिरफ्तार कर लिया था। राजेश को जूलाई, 2016 में जमानत मिल गई थी। वह पेरोल जंप कर गया और वह सोनू दरियापुर व मंजीत महाल से मिला और रमेश लौहार की हत्या करने केलिए सहायता मांगी। बदले में सोनू दरियापुर ने राजेश से मोनू दरियापुर की हत्या में साथ देने की बात कही। इसी समय उसकी मुलाकात रमेश लौहार के एक और दुश्मन विक्की उर्फ बोक्सर से मुलाकात हुई। रोहतक जेल में बंद सुमित ने भी राजेश का साथ देने की बात कही।
कोर्ट में रमेश लौहार पर हमला किया
राजेश के कहने पर सुमित, संदीप, नसीब, धीरज और राहुल ने रोहतक कोर्ट में 28 मार्च, 2017 को रमेश लौहार पर हमला किया। इस हमले में रमेश लौहार तो बच गया था, मगर उसकेसाथी संजीत की मौत हो गई थी। 16 व 17 अप्रैल, 2017 को सभी दिल्ली आ गए। सोनू दरियापुर ने इनको निहाल विहार, रोहिणी व उत्तम नगर में ठहराया। राजेश, सत्यवान, विजय लांबा, सुमित, संदीप, सोनू केजरीवाल, सतीश व परमजीत ने कार में सवार मोनू दरियापुर पर 30 अप्रैल को ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इनमें मोनू दरियापुर व पीएसओ समेत तीन की मौत हो गई थी। राजेश केखिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास व लूटपाट के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।