हाईकोर्ट ने मंगोलपुरी इलाके में हर्ष फायरिंग में हुई किशोरी की मौत मामले की जांच अपराध शाखा के सुपुर्द कर दी। मृतका के पिता ने स्थानीय पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने सुनवाई के दौरान कहा कि किशोरी के पिता के पक्ष को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। वह मृतका का पिता है। ऐसे में वह किसी के दबाव में नहीं आ सकता।
ऐसे में अदालत मामले की अपराध शाखा को सौंपती है। अदालत ने मंगोलपुरी थाना पुलिस को एक सप्ताह में मामले से जुड़े सभी दस्तावेज अपराध शाखा को सौंपने का निर्देश दिया है। याची के वकील आकाश वाजपेयी ने अदालत को बताया कि पुलिस ने मामले में किशोरी के पिता के बयान के आधार पर सही एफआईआर नहीं की है।