कस्बा स्थित भाजपा नगर पंचायत चुनाव कार्यालय के सामने सोमवार देर रात लाइसेंसी रिवॉल्वर से एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। भाजपा के अध्यक्ष पद प्रत्याशी सोनू वर्मा के दो चचेरे भाईयों को इस मामले में नामजद कराया गया है।
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एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हत्या का कारण पुरानी कारोबारी रंजिश बता रही है, जबकि परिजन व अन्य पार्टियों के कार्यकर्ता इसे चुनावी रंजिश करार दे रहे हैं।
आचार संहिता लागू होने के बावजूद लाइसेंसी हथियार न जमा कराने पर एसएसपी ने संबंधित दरोगा प्रीतम सिंह को निलंबित कर दिया है। वारदात के विरोध में बड़ी संख्या में लोग व विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता शव रखकर धरने पर बैठ गए।
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कस्बे के प्राचीन द्रोणाचार्य मंदिर के पास भाजपा के अध्यक्ष पद उम्मीदवार सोनू वर्मा का कार्यालय है। इसके ठीक सामने पास में ही रहने वाले सागर शर्मा (22) की सोमवार रात लगभग साढ़े 11 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।
एक को कर लिया गिरफ्तार
sagar sharma murder
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी सोनू वर्मा के चचेरे भाई दीपक वर्मा और मनोज वर्मा उर्फ टीटू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मनोज को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, लाइसेंसी पिस्टल से पांच गोलियां चलाई गईं। दो सागर के शरीर से रगड़ती हुई निकल गईं, जबकि दो गोलियां दूर से निकलीं। एक गोली उसके सीने में दिल के पास वाले हिस्से में लगी।
गंभीर हालत में सागर को अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना से गुस्साए परिजन व अन्य पार्टियों के कार्यकर्ता मंगलवार को शव रखकर धरना देकर बैठ गए।
वे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही दाह संस्कार की मांग पर अड़े थे। वारदात के बाद प्रत्याशी व उनके परिजन घर और कार्यालय पर ताला लगाकर चले गए।
सागर शर्मा ने कई साल पहले दीपक वर्मा और मनोज वर्मा के पास स्वर्णकार का काम सीखकर अलग दुकान खोली थी। इसे लेकर दोनों पक्षों में तीन साल पहले विवाद हुआ था।
दनकौर कोतवाली प्रभारी फरमूद अली पुंडीर ने वारदात का कारण पुरानी कारोबारी रंजिश बताया है। पुलिस ने सागर को भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए इसका जिक्र एफआईआर में किया है।
वहीं, परिजनों व अन्य पार्टियों के नेताओं का आरोप है कि चुनावी रंजिश को लेकर सागर की हत्या की गई है। उनका कहना है कि सागर का आरोपियों से सोमवार शाम विवाद हुआ था।
इसके बाद वह बसपा व कांग्रेस कार्यालय पहुंचा था। उसने विवाद की जानकारी देकर उन्हें साथियों समेत समर्थन देने का वादा किया था। इसके कुछ घंटे बाद ही सागर की हत्या कर दी गई।