जांच के दौरान पुलिस जब जसप्रीत के घर पहुंची, तो उसके घर में सफेदी हो रही थी। साथ ही जसप्रीत के हाथ में भी चोट दिखी। पुलिस को जसप्रीत पर शक हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जसप्रीत ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि सुरेंद्र के उसकी पत्नी के साथ संबंध थे। इस बात की जानकारी उसे मिली। उसने सुरेंद्र को समझाया, बावजूद इसके वह नहीं माना। उसके बाद आरोपी ने पत्नी के साथ सुरेंद्र की हत्या की साजिश रची। 13 जनवरी की रात उसने अपनी पत्नी से सुरेंद्र को फोन करवाया और उसे अपने घर पर बुलाया।
घर आने पर उसने खीर में नींद की गोली डालकर सुरेंद्र को खिला दी। सुरेंद्र के बेहोश होते ही जसप्रीत ने उसके हाथ पैर बांध दिए और उसके सिर पर हथौड़े और डंडे से वार कर उसकी हत्या कर दी।
बाद में आरोपी ने सुरेंद्र का गला भी दबा दिया। शव को काली पन्नी में पैक करने के बाद उसे गंदे नाले के पास फेंक दिया, जबकि सुरेंद्र की स्कूटी को केशवपुर मंडी के पास खड़ा कर दिया। उसके मोबाइल को नाले में फेंक दिया। हत्या में इस्तेमाल हथौड़े और डंडे को मंगोलपुरी फ्लाईओवर के पास फेंक दिया।