बेहतर भविष्य का आश्वासन देकर असम से लाई गई एक किशोरी यहां यौन हिंसा का शिकार हो गई। पति ने दुष्कर्म किया, तो पत्नी ने पीड़िता को मजबूर किया कि यह बात वह किसी से न कहे।
कई बार हवस का शिकार बनाई जा चुकी पीड़िता ने मकान मालकिन को आपबीती सुनाई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से असम के कोकराझार जिले की रहने वाली किशोरी के मां-बाप गुजर चुके हैं।
वह अपनी दादी के साथ रहती थी। किशोरी के मुताबिक, करीब सात माह पहले उसके गांव की रहने वाली मीनू और उसका पति डोरीलाल दादी से मिलने आए थे।
कई बार उसे अपनी हवस का शिकार बनाया
दोनों ने अच्छी परवरिश और शिक्षा देने की बात कहकर किशोरी को अपने साथ फरीदाबाद ले जाने के लिए राजी कर लिया था। दादी ने उसे दंपति के साथ भेज दिया था। दोनों ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र में एक महिला के यहां किराये का कमरा लेकर रह रहे थे।
पीड़िता के मुताबिक, एक दिन अकेला पाकर डोरीलाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। उसने मीनू को आपबीती सुनाई तो उल्टा चुप रहने को कहा।
इसके बाद डोरी लाल ने कई बार उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। हर बार उसने मीनू को इसकी जानकारी दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। चार दिन पहले डोरीलाल ने किशोरी के साथ फिर दुष्कर्म किया, तो उसने मकान मालकिन से इसकी शिकायत की। मकान मालकिन किशोरी को लेकर महिला थाने पहुंचीं। एसएचओ महिला थाना इंस्पेक्टर सुशील ने बताया कि किशोरी की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।