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10 रुपये किलो अखबार खरीदने वाले बनाते थे पिस्तौल!

Wed, 07 May 2014 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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इस दुकान में अखबार 10 रुपये किलो खरीदा जाता था। दुकान कबाड़ीवाले की जो थी लेकिन अंदर कुछ और ही काम होता था। पुलिस ने छापा मारा तो उन्हें तमंचा बनाने की फैक्ट्री मिल गई।
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ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दनकौर कस्बे में झाझर रोड पर एक कबाड़ की दुकान में तमंचा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो कबाड़ की दुकानों से आठ तमंचों के साथ ही कुछ उपकरण भी बरामद किए हैं। मौके से दो आरोपी दो सगे भाइयों को भी गिरफ्तार किया गया है।

20-25 अधबने तमंचे भी रखे हुए थे

एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मूलत: खुर्जा कोतवाली के गांव आवदा नगर निवासी जुल्फिकार और यासीन दोनों सगे भाई हैं। पिछले कई साल से दोनों की कबाड़ की दुकान कस्बे के झाझर रोड पर है।

दनकौर पुलिस को मंगलवार सुबह मुखबिर ने सूचना दी की उक्त कबाड़ की दुकानों पर तस्करी के लिए कुछ हथियार लाए गए हैं। हथियार खरीदने के लिए कुछ ही देर में एक गैंग भी आ रहा है। सूचना पर पुलिस कबाड़ की दुकान पर पहुंची। वहां गैंग तो नहीं पहुंचा लेकिन पुलिस ने दोनों दुकानों की तलाशी ली तो एक से तीन तमंचे और दूसरी से पांच तमंचे बरामद हुए।

इसके साथ ही करीब 20 से 25 अधबने तमंचे और कुछ उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने जुल्फिकार और यासीन को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
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तह तक नहीं जाती है श्‍ाहर की पुलिस

ग्रेटर नोएडा में पिछले कुछ समय से अपराध के ग्राफ में बढ़ोतरी हुई है। बिलासपुर के रामपुर और दादरी के मायचा समेत कई गांवों में तमंचा बनाने की फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।

आए दिन बदमाश तमंचों के बल पर शहर और देहात में दहशत फैला रहे हैं। लेकिन पुलिस तह तक नहीं जाती है कि आखिर हथियारों की तस्करी कहां से होती है। इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है।

एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि अवैध असलहे बनाने की फैक्टरी पहले भी पकड़ी जा चुकी है। पुलिस अपनी ओर से काफी प्रयास कर रही है कि तमंचा बनाने और सप्लाई करने वालों को पकड़ा जा सके। इसमें आम जनता को भी पुलिस की मदद करनी होगी जिससे अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।
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