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सरेआम कांग्रेसी नेता को मारी गोली

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गाजियाबाद के शास्त्रीनगर ए-ब्लाक में बृहस्पतिवार की देर शाम कार में सवार बिल्डर एवं पूर्व कांग्रेसी नेता हरिमोहन कौशिक उर्फ टिंकू पर उनकी कोठी के सामने तीन बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। उनके शरीर में पांच-छह गोलियां लगी हैं। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया है।
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भागते बाइक सवार हमलावर के साथ पूरी घटना बिल्डर की कोठी में लगे सीसी टीवी कैमरों में कैद हो गई है। हालांकि हमलावरों के चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे हैं। हमलावर कौन थे, वारदात क्यों की गई, यह पता नहीं चल सका है। कविनगर पुलिस छानबीन कर रही है। घटनास्थल से .32 बोर का एक खोखा मिला है। बिल्डर के भाई सुधीर कौशिक भी कांग्रेस और सपा से जुड़े रहे हैं।

हरिमोहन कौशिक के बेटे संकेत ने बताया कि उनके पिता महेंद्रा एंक्लेव में बिल्डिंग बनवा रहे हैं। वारदात के दौरान वे साइट से लौटे थे। पिता की कार का हॉर्न सुनकर उसने कोठी का गेट खोला, तभी उसने देखा बाइक सवार हमलावर उसके पिता पर गोलियां बरसा रहे हैं।
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उसने मां कविता कौशिक के साथ पीछा किया, मगर हमलावर भाग गए। सीसी टीवी फुटेज में दिख रहा है कि एक बदमाश बाइक स्टार्ट किए हुए है जबकि दो बाइक से उतरकर असलहे कार की ड्राइविंग सीट की खिड़की के शीशे से सटाकर गोलियां बरसा रहे हैं।

बिल्डर ने कार दौड़ाने की कोशिश की तो हमलावर भी गोलियां बरसाते हुए कार के साथ-साथ दौड़े और बाइक पर बैठकर भाग गए। एसपी सिटी मय फोर्स मौके पर पहुंचे और छानबीन की। हरिमोहन कौशिक अगस्त 2012 में भतीजे की हत्या के मामले में जेल जा चुके हैं।

पहले आई कार, फिर आए बाइक सवार

बिल्डर हरिमोहन कौशिक पर हमला करने वाले महेंद्रा एंक्लेव में साइट से ही उनके पीछे लगे थे। सीसीटीवी फुटेज देखने से ऐसा लग रहा है। 7 बजकर 8 मिनट 35 सेकेंड पर एक कार उनकी कोठी के गेट से थोड़ा आगे आकर रुकी। 7 बजकर 9 मिनट 30 सेकेंड पर कार वहां से चली गई। 7:10 बजे बिल्डर अपनी लग्जरी कार से आए और हॉर्न बजाया।

इस पर उनके बेटे संकेत ने गेट खोला। तभी बाइक सवार हमलावर आए और उन पर गोलियां बरसा दीं। हरिमोहन के सीने और कंधे पर छह गोलियां लगी हैं। हमलावरों में से एक हेलमेट लगाए था। पुलिस का भी कयास है कि रास्ते में वारदात न कर पाने पर उन्होंने घर के सामने ही वारदात की।

हरिमोहन कौशक शास्त्रीनगर ए-77 में रहते हैं। वह पूर्व में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं। वह रजापुर से सभासद भी रह चुकेहैं। महेंद्रा एंक्लेव में कौशिक डेवलपर्स के नाम से उनका बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। परिवार में पत्नी कविता, दो बेटे अनंत और संकेत हैं।

अनंत एलएलबी कर रहा है और संकेत जर्नलिज्म। संकेत ने बताया कि पिता पर हमला होता देख वह, मम्मी और उनका डॉगी हमलावरों के पीछे भागे। एसएसपी ने बताया कि हमलावरों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हैं। पुलिस सीसी टीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
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भतीजे की हत्या के आरोप में गए थे जेल

हरिमोहन कौशिक भतीजे की हत्या के आरोप में जेल गए थे। उन पर आरोप था कि 12 अगस्त 2012 को उन्होंने अपने भाई और तत्कालीन सपा नेता सुधीर कौशिक केबिल्डर बेटे प्रशांत उर्फ सचिन (31) की गोली मारकर हत्या की। वारदात कविनगर थाने केसामने शास्त्रीनगर ए-ब्लाक में हुई थी। प्रशांत के भाई अनुराग का मेरठ रोड पर ड्रिजलिंग लैंड है। वारदात की वजह 28 लाख रुपये कीमत की हुंडई सेंटा फी कार बताई गई थी। हालांकि बाद में समझौता होने पर हरिमोहन जेल से छूट आए थे।

कई बिंदुओं पर जांच
रंजिश, पैसों का लेनदेन और कारोबारी प्रतिस्पर्धा।
.32 बोर का जिंदा कारतूस और खोखा मिला

पुलिस के चेकिंग प्वाइंट्स को धता बताकर भागे हमलावर
घटनास्थल कविनगर थाने नजदीक है। जिस रास्ते से हमलावर भागे वहां पुलिस के कई चेकिंग प्वाइंट हैं। बावजूद इसके हमलावर वारदात कर भाग गए। घटनास्थल पर जाने के लिए कविनगर थाने की पुलिस जीप का पहिया सर्वोदय अस्पताल के सामने नाले में गिर गया। पुलिसवाले काफी देर तक उसे निकालते रहे।

रसूखदार परिवार
रजापुर गांव के रहने वाले हरिमोहन कौशिक उर्फ टिंकू चार भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई महेंद्र कौशिक की मौत हो गई थी। उनसे छोटे सुधीर कौशिक पुराने कांग्रेसी रहे हैं। बाद में सपा नेता भी रहे। इनसे छोटे सुरेंद्र जीडीए में एकाउंटेंट हैं। वह रजापुर से पिछली पंचवर्षीय योजना में सभासद चुने गए थे। इसके बाद वे सपा से जुड़े रहे। हालांकि अब समाजवादी पार्टी के लोग उन्हें अपनी पार्टी में नहीं बता रहे हैं।
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