गुड़गांव में नशे के सौदागरों का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने घाटा गांव से गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है जिसे उड़ीसा से यहां लाया गया था।
सीआईए टीम ने छापेमारी करते हुए 222 किलो गांजा जब्त किया जिसकी बाजार कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पकड़े गए तीन लोगों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है जिसमें कई और नामों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस संयुक्त आयुक्त (अपराध) विवेक शर्मा के अनुसार जिले में गांजे के अवैध कारोबार को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं।
पुलिस को देख बदमाशों ने किया ये कारनामा
पुलिस को रविवार को गुप्त सूचना मिली जिसमें पता चला कि घाटा गांव के पास एक गाड़ी में भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ है। इसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा है।
सूचना के बाद सीआईए यूनिट एक के इंचार्ज इंस्पेक्टर यशवंत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर यहां छापेमारी की गई। पुलिस छापेमारी की सूचना मिलते ही तस्कर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गाड़ियों समेत तीन लोगों को धर दबोच लिया।
गाड़ियों को जांचने पर उसमें पुलिस को 222 किलो गांजा मिला जिसकी बाजार कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है।
गांजा सप्लाई का लंबा नेटवर्क
पुलिस कस्टडी में आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे पिछले दो साल से गुड़गांव में सक्रिय थे। इसमें गिरोह का सरगना मनोज बिहारी पूरे जिले में गांजे की सप्लाई का काम करता था।
बताया जा रहा है कि गुड़गांव जिले में सप्लाई के लिए उड़ीसा से गुड़गांव यह गांजा लेकर आया था जिसे यहां सप्लाई करना था। इस मामले में पुलिस ने जो दो गाड़ियां पकड़ी हैं उनमें एक गिरोह के सरगना की है जबकि दूसरी सोनीपत बड़ौली निवासी सतीश शर्मा के नाम है।
पकड़े गए तीन लोगों में गिरोह के सरगना मनोज के अलावा सोनीपत निवासी राजेश कुमार और कालू बिहार चालक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह में करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग होने का अंदेशा है जो गुड़गांव में कई जगहों पर फैले हुए है। इस मामले में दूसरी गाड़ी मालिक का नाम सामने आने के बाद अब पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
नशे की सिटी बन रही साइबरसिटी
साइबर सिटी की चकाचौंध में अब नशे का व्यापार भी तेजी से फलफुल रहा है। दिल्ली-एनसीआर की हॉट सिटी के चलते यहां पर युवाओं को नशे के दलदल में फंसाया जा रहा है।
इसमें देशी ही नहीं बल्कि कई नाइजीरियन लोगों का गिरोह भी काम कर रहा है जो खासतौर पर युवाओं को इसका आदी बना रहा है। शहर में पकड़ी गई नशे की बड़ी खेप के बाद एक बार फिर नशे के व्यापार को लेकर पुलिस भी सतर्क हो गई है।
लोकसभा चुनावों के दौरान शहर में कई जगह नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए लोगों के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। लेकिन चुनावों के चलते मंदा हुआ धंधा अब फिर तेज रफ्तार से भागना शुरू हो गया है।
बॉक्सर बिजेंदर भी फंसे थे नशे में
नशे की खेती कही जाने वाले पंजाब के बाद हरियाणा में भी इसका तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। पिछले साल हरियाणा में नशे के व्यापार में ओलंपिक मुक्केबाज बिजेंदर सिंह का नाम सामने आने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई थी।
रविवार को गुड़गांव में 222 किलो गांजे के साथ पकड़े गए तीन लोगों ने खुलासा किया वे गुड़गांव के अलावा आसपास के गांवों में भी इसकी सप्लाई करते है जिसमें कई बड़े अधिकारियों से लेकर नाम भी है जो इसमें शामिल है।
नशे की दुनिया के फैल रहे जाल को देखते हुए पुलिस के लिए इससे पार पाना बड़ी चुनौती बन गया है।