कविनगर थाने की पुलिस ने बुधवार को महिला व्यापार उत्थान मंडल की अध्यक्ष कजरी गर्ग को गिरफ्तार किया है। उन पर धोखाधड़ी कर 11 लाख रुपये नहीं देने और मांगने पर जान से मारने की धमकी का आरोप है। उनके खिलाफ सीमा सिंह ने पिछले महीने एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
सीमा सेक्टर-2 राजनगर में रहती हैं। उनके पति मेजर (रिटायर्ड) एसबी सिह सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। सीमा सिंह के पिता भी शहर में ऊंचा रसूख रखते हैं।
उनका आरोप है कि 21 फरवरी 2013 को कजरी गर्ग ने उनसे 11 लाख रुपये लिए थे। लेनदेन स्टांप पेपर पर भी है। तीन महीने में मय ब्याज लौटाने की बात कही थी। तीन चेक भी दिए थे। लेकिन पैसे नहीं लौटाए।
चेक कैश कराने की कोशिश की तो बाउंस हो गया। शिकायत की तो कजरी ने उन्हें धमकाया। इतना ही नहीं, अपने वकील के माध्यम से झूठे आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस भी भिजवाया। 7 अगस्त 2014 को उन्होंने कविनगर थाने में एफआईआर कराई थी।
एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि रिपोर्ट अमानत में खयानत की लिखाई गई थी, मगर जांच में धोखाधड़ी का भी मामला सामने आया। कजरी गर्ग वांछित चल रही थीं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
मैं बेकुसूर: कजरी गर्ग
‘मैं बेकुसूर हूं। मैंने दिसंबर 2014 तक पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन उससे पहले ही मुझे गिरफ्तार करा दिया गया। मैंने कपड़ों के सरकारी टेंडर के लिए पैसे लिए थे।
मेरी चंदन साडीज के नाम से शॉप है। मेरी चंदन एक्सपोर्ट कंपनी भी थी, जो बाद में बंद कर दी गई। चेक उसी कंपनी के थे, इसलिए बाउंस हो गए।
इसकी जानकारी उन्होंने सीमा सिंह को दी थी। मैंने चीटिंग नहीं की है। एक लाख तो मैं दे भी चुकी हूं। मेरे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है, इसकी जानकारी भी मुझे बुधवार सुबह ही हुई, जब पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची।’
अध्यक्ष के पद से हटाया था
कजरी गर्ग पहले उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की महिला शाखा की अध्यक्ष थीं। मंडल के जिलाध्यक्ष प्रीतम लाल के मुताबिक कुछ विवाद के कारण मई 2014 में कोर कमेटी के सदस्याें की सलाह पर उन्हें संगठन के महिला शाखा के जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था
हालांकि व्यापार मंडल सूत्रों का कहना है कि कजरी गर्ग पर एक व्यापारी नेता के रिश्तेदार से पैसे मांगने का आरोप था, जिसकी शिकायत व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों से की गई थी, बाद में उन्हें संगठन से हटाया गया था।
बढ़ती लोकप्रियता भी विरोध की वजह
दूसरी ओर कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कजरी गर्ग की बढ़ती लोकप्रियता से कई व्यापारी नेता खासे परेशान हो गए थे।
व्यापार संगठन के अलावा कजरी ने महिलाओं से संबंधित कई सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए। इनमें व्यापारी नेताओं को नहीं बुलाया गया। इसके चलते भी उनसे एक खेमा खासा नाराज था।