गाजियाबाद में बदमाशों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब उन्हें पुलिस चौकी के पास लूटपाट करने का भी डर नहीं है। स्नैचिंग का विरोध करने पर गोली चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं।
बदमाश मासूम बच्चों पर भी गोली चलाने में नहीं हिचक रहे। बाइक सवार बदमाशों ने रविवार शाम कौशांबी पुलिस चौकी के नजदीक ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया।
बदमाशों ने बाइक पर पति के साथ जा रही एक महिला की चेन लूट ली और पति द्वारा पीछा करने पर तमंचे से गोली चला दी, जो बाइक पर आगे बैठी उनकी तीन साल की मासूम बच्ची को जा लगी।
इसके बाद बदमाश ईडीएम मॉल की ओर भाग गए। खून से लथपथ बच्ची को आसपास के लोगों की मदद से यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्ची के शरीर से गोली तो निकाल दी है लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इंजीनियर को अफसोस...काश! बेटी को बाइक पर पीछे बैठा लेता
तीन साल की मासूम मिशिका अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है। बाहर मम्मी-पापा समेत अन्य रिश्तेदारों का बुरा हाल है।
इंजीनियर उदय भरी आंखों से अफसोस करते हैं कि काश! उन्होंने बेटी को बाइक पर आगे नहीं बैठाया होता तो यह आफत उनकी बच्ची पर नहीं आती। मां रितिका उस पल को कोस रही हैं जब जिद करके मिशिका बाइक पर आगे बैठी थी।
उन्होंने उसे मना भी किया मगर वह मानी नहीं और यह अनहोनी हो गई। अन्य रिश्तेदार बड़ी मुश्किल से रितिका को संभाल रहे थे। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि गोली निकाल दी गई। बच्ची की हालत में सुधार है।
गोली चलते ही सनसनी
रविवार शाम कौशांबी में बाइकर्स द्वारा की गई इस वारदात ने न सिर्फ सनसनी फैला दी, बल्कि जनता किस कदर बेहाल है इसका भी उदाहरण दे दिया।
सरेआम लूटपाट और पीछा करने पर फायरिंग। पुलिस चौकी नजदीक, लुटेरों की बाइक पर नंबर नहीं, फिर भी भाग गए बदमाश। पुलिसवाले चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करते हैं।
चंद कदम दूूर पुलिस चौकी
इतना ही नहीं, जिस स्थान पर दोनों घटनाएं हुई हैं, वहां से कौशांबी चौकी चंद कदमों की दूरी पर है। मगर चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान करने वाली पुलिस का खौफ बदमाशों के मन में नहीं है।
उदय कुमार ने बताया कि बाइकर्स ने जिस बाइक पर घटना को अंजाम दिया। उसकी नंबर प्लेट सफेद रंग से पुती थी और उस पर कुछ भी नहीं लिखा था।
घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर अक्सर कौशांबी पुलिस चेकिंग करती है। मगर घटना के दौरान बाइकर्स की बिना नंबर की बाइक गुजरी और पुलिस को कुछ भी पता नहीं चला।