गाजीपुर के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय व अन्य छह लोगों की हत्या के मामले में बातचीत की जिस सीडी के बेकार होने का दावा सीबीआई ने किया था शुक्रवार को जांच एजेंसी ने उसी सीडी को कोर्ट में पेश कर दी। सीडी में आरोपी मुख्तार अंसारी व अभय सिंह के बीच बातचीत का रिकॉर्ड दर्ज है।
स हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज अनूप कुमार मेंदीरत्ता के समक्ष शुक्रवार को सीबीआई ने सीडी पेश कर दी। अदालत ने सीडी प्रकरण जांच की रिपोर्ट पेश न करने पर सीबीआई को फटकार लगाते हुए इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
इस सीडी में 12 कॉल के रिकार्ड दर्ज हैं जबकि पुरानी सीडी में केवल एक कॉल का रिकार्ड दर्ज था। बचाव पक्ष ने इस सीडी की ट्रांस्क्रिप्शन मुहैया कराने के लिए आवेदन दायर किया है। इस सीडी का पुरानी सीडी से तुलनात्मक अध्ययन कराने का आग्रह भी बचाव पक्ष ने किया है।
सीडी खराब होने का किया था दावा
सीएफएसएल रिपोर्ट के हवाले से सीबीआई ने 19 अगस्त 2014 अदालत में कहा था कि बातचीत की सीडी चलने की हालत में नहीं है। सीएफएसएल लैब में सीडी की कॉपी करने के लिए भेजी गई थी लेकिन वहां पर सीडी नहीं चली। सीडी कैसे खराब हुई इसकी जांच करने का निर्देश अदालत ने सीबीआई को दिया था।
कोर्ट ने मुख्तार अंसारी व अन्य आरोपियों के आवेदन पर सुनवाई के बाद 3 जुलाई 2014 को बातचीत की सीडी की कॉपी आरोपियों को उपलब्ध कराने का निर्देश सीबीआई को दिया था।बता दें कि सीबीआई का दावा था कि यूपी पुलिस की एसटीएफ ने 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय हत्याकांड के कुछ मिनटों बाद मुख्तार अंसारी व अभय सिंह के बीच बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। उस वक्त मुख्तार अंसारी गाजीपुर जेल में और अभय सिंह फैजाबाद जेल में बंद था।
अंसारी को पेश करने पर एसपी सिटी व जेल अधीक्षक तलब
हत्या के इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी, पूर्व सांसद अफजाल अंसारी, मुन्ना बजरंगी समेत 13 आरोपी हैं, जिनमें कई फरार हैं जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है। फिलहाल मुख्तार अंसारी आगरा सेंट्रल जेल और मुन्ना बजरंगी सुल्तानपुर जेल में बंद हैं।
अदालत ने पिछली कई तारीखों पर आगरा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को पेश न किए जाने पर सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी होने के बावजूद अंसारी को पेश न किए जाने पर आगरा के पुलिस अधीक्षक (नगर) व आगरा सेंट्रल जेल के अधीक्षक को अगली तारीख पर तलब किया है।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी संजीव माहेश्वरी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई। संजीव माहेश्वरी इस मामले में गिरफ्तारी के बाद काफी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है।