नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह पर सीबीआई ने एक और केस दर्ज किया है। उनके साथ पांच कंपनियों, उनके निदेशकों व ठेकेदारों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इन पर 116.39 करोड़ रुपए के प्रोेजेक्ट को गलत तरीके से दिलाने का आरोप है।
सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के मुताबिक इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली, नोएडा और रांची के आठ स्थानों पर छापा मारा गया। उन्होंने कहा कि यादव सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए गलत तरीके से काम दिलाया। इसकी एवज में उन्हें लगातार घूस की रकम मिलती रही।
इस मामले में यादव सिंह के अलावा गुल इंजीनियर्स कंपनी के मालिक जावेद अहमद, एसएमपी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक साई राजू, मनीष कुमार और प्रेम प्रदीप, अबु इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों कुमार सौरभ और प्रेम प्रदीप, संजय इलेक्ट्रीकल्स के संजय कुमार गुप्ता, शाखंबरी प्रोजेक्ट रांची के संजय कुमार शर्मा के अलावा नोएडा प्राधिकरण के अज्ञात अधिकारी शामिल हैं।
सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक आपराधिक षड्यंत्र रचने, पद का दुरुपयोग करने के अलावा आरोपी ठेकेदारों और फर्मों से ठेका दिलाने के नाम पर लगातार घूस लेने का आरोप में यादव सिंह पर केस दर्ज किया गया है।
सीबीआई का कहना है कि पांचों फर्मों को ठेका दिलाने के लिए टेंडर नियमों और नोएडा प्राधिकरण की सामान्य प्रक्रिया को ताख पर रखने का आरोप था। इसमें दूसरे अधिकारी भी शामिल हैं। इस वजह से नोएडा प्राधिकरण को काफी नुकसान उठाना पड़ा। बता दें कि यादव सिंह पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के दो अन्य मामले भी चल रहे हैं।