विजिलेंस टीम ने बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाकर सीबीआई अकादमी से ही डेढ़ लाख रुपये की वसूली कर ली।
अकादमी में जांच करने के दौरान विजिलेंस और कारपोरेशन अफसरों को न तो बिजली चोरी मिली थी और न ही कोई अनियमितता। सीबीआई अफसरों ने शिकायत एमडी और विजिलेंस आईजी से कर दी है।
एलिन इलेक्ट्रीकल कंपनी से पांच लाख रुपये न मिलने पर करोड़ों की बिजली चोरी का आरोपी बनाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है। इसके साथ ही विजिलेंस टीम की उगाही का एक और मामला सामने आ गया है।
सीबीआई का प्रशिक्षण विद्यालय (सीडीटीएस) बन रहा है। इसको वेल्यू बिल्डर्स संस्था बनवा रही है। निर्माण संबंधी समस्त व्यवस्था का दायित्व सीबीआई के यूनिट हेड अफसरों का है।
विजिलेंस की अर्बन टीम ने विद्यालय भवन पर छापामारी कर बिजली प्रयोग की जांच की थी। एसडीओ राजनगर को भी बुलाया गया।
टीम ने स्वीकृति से ज्यादा लोड होना बताकर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी। विजिलेंस टीम ने उनसे दो लाख रुपये की मांग की। बाद में डेढ़ लाख में मामला खत्म किया गया।