हाईवे पर हुई हैवानियत का पुलिस ने बेशक खुलासा कर दिया हो, लेकिन कई सवाल अभी भी असुलझे हैं। पुलिस ने दावा किया कि हैवानियत के छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि सातवां आरोपी फरार है।
पुलिस ने पहले कहा कि आरोपी बुलंदशहर क्षेत्र के आसपास के पकड़े गए और बाद में कहा कि पकड़े गए तीनों आरोपी कन्नौज के हैं। इनके बीच क्या कनेक्शन है, पुलिस इसका भी जबाव नहीं दे सकी।
इसके अलावा अन्य बदमाशों के बीच का लिंक भी पुलिस नहीं ढूंढ सकी। पहले पकड़े गए तीन आरोपियों में से दो को रिमांड पर लिया गया, लेकिन रईस को रिमांड पर भी नहीं लिया गया।
डीजीपी द्वारा बताए गए दो बदमाशों के नाम नरेश और बबलू पर भी पुलिस कुछ नहीं बता सकी। आखिर नरेश और बबलू का क्या हुआ, वह कहां हैं, इस पर भी पुलिस कुछ नहीं बता सकी।
आज पीड़ित मां-बेटी के दर्ज हो सकते हैं बयान
bulandshahr gangrape
पहले कहा गया था कि बदमाशों ने मोबाइल फोनों का इस्तेमाल नहीं किया था, बाद में पुलिस ने कहा कि सर्विलांस की मदद से आरोपियों को दबोचने में सहायता मिली। पुलिस ने कई ऐसे सवालों पर चुप्पी साधे रखी, जिन्हें उसने ही खड़ा किया था।
आरोपियों के लिए गए डीएनए सैंपल
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के डीएनए सैंपल भी लिए हैं। इसके अलावा मौके से मिले कपड़े आदि की भी फारेंसिक टीमों द्वारा जांच की जाएगी। डॉक्टरों ने आरोपियों के बाल, नाखून आदि के सैंपल डीएनए जांच के लिए एकत्र किए हैं।
आज पीड़ित मां-बेटी के दर्ज हो सकते हैं बयान
सोमवार को बिटिया की तबीयत खराब होने के चलते मां-बेटी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं आ सकती थीं। मंगलवार दोपहर विवेचक ने मेरठ से पकड़े गए तीनों आरोपियों का मेडिकल कराकर जेल भेजा।
इसके चलते मंगलवार को भी बयान दर्ज नहीं हो सके। संभावना है कि बुधवार यानि आज पीड़ित मां-बेटी के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज हो सकते हैं। बता दें कि वारदात के 11 दिन बाद भी पीड़ित मां-बेटी के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं।