नूंह में करीब डेढ़ साल पहले पैसे के लेन-देन को लेकर बुआ की हत्या करने के मामले में अदालत ने बृहस्पतिवार को दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इनमें से एक मृतका का भतीजा है। जिला सत्र न्यायाधीश एमएम ढोंढक की अदालत में आरोपियों को दोषी ठहराया गया और उन पर दो लाख बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बता दें कि 18 सितंबर 2014 को नूंह शहर के व्यस्त इलाके में आधी रात के समय 38 वर्षीय जगबती पुत्री रतन लाल की हत्या कर दी गई थी। मृतका करीब 15 साल से अपने पति से अलग नूंह में रह रही थी। उसके परिवार में दो भाई तथा पिता थे।
जगबती ब्याज पर पैसे का लेन-देन करती थी। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन मृतका के रिश्ते में भतीजे और उसके एक साथी को गिरतार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। जिसके मुताबिक आरोपी नूंह निवासी संदीप पुत्र दयाचंद मृतका जगबती का भतीजे लगता है, जबकि दूसरा देशराज पुत्र हरचंदी संदीप का साथी है।
जगवती ने करीब एक साल पहले देशराज को 1 लाख 78 हजार रुपये उधार दिए थे। जो उससे लौटाए नहीं जा रहे थे। घटना वाली रात दोनों आरोपी करीब पौने आठ बजे पलड़ी रोड पर शराब पीकर जगबती के घर गए और उधार का हिसाब मांगा। उन्हें हिसाब वाला रजिस्टर दिखाया गया। कुछ देर में ही बिजली चली गई तथा अंधेरा हो गया।
अंधेरे में ही दोनों आरोपियों ने जगबती पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किया। जिससे उनके हाथों में भी चोटें आईं। जगबती की हत्या करने के बाद दोनों चले गए। रात करीब डेढ़ बजे दोनों ने फिर से संपर्क किया तथा मौके पर आए। सबूत मिटाने के लिए दोनों ने मृतका के मूंह तथा हिसाब वाले रजिस्टर को जला दिया। मामले की जांच को नया रंग देने के लिए उन्होंने अपने हाथों से खून को बाहर गली में तथा मदरसे तक टपकाया।
आरोपियों ने घटना के अगले दिन सुबह पुलिस को शिकायत दी कि पलडी रोड पर अज्ञात लोगों द्वारा उनपर भी चाकू से वार किया था। जिससे उनके हाथों में भी चोंटें आईं। दोनों आरोपियों ने हत्या के मामले का जल्द खुलासा करने की मांग करते हुए अगले दिन रोड भी जाम कर दिया था। पुलिस को आरोपियों की कहानी में संदिग्धता नजर आई तो उनसे कड़ाई से पूछताछ की। अंत में उन्होंने सच कबूल लिया।