फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

53 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, तेवतिया के हमलावरों की तलाश में छह राज्यों में दबिश

Sun, 14 Aug 2016 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया के हमलावरों का पुलिस 53 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। छह संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मनोज और शेखर की तलाश में छह राज्यों में पुलिस की नौ टीमें दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन


पुलिस कई एंगलों पर जांच कर रही है। मनोज और शेखर की गिरफ्तारी के बाद वारदात के पीछे की सच्चाई से पर्दा उठने की उम्मीद है। एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि पुलिस जल्द ही दोनों को दबोच लेगी। जिस फॉर्च्यूनर कार से हमला किया गया था, वह 8 जून को गुड़गांव से चुराई गई थी।

सुरागकशी के लिए एक टीम गुड़गांव गई है, इसके अलावा पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, वेस्ट यूपी और दिल्ली में दबिश दे रही हैं। हमलावरों से बरामद एके-47 आगरा या लखनऊ फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएगी।
विज्ञापन


बता दें कि बृहस्पतिवार शाम करीब सवा सात बजे मुरादनगर में कार सवार बदमाशों ने भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया समेत सात लोग गोली लगने से घायल हो गए थे। नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में तेवतिया का इलाज चल रहा है।

‘सुनीता साजिश की शिकार, लेंगे कोर्ट की शरण’

- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद में भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए एके-47 से प्राण घातक हमले के मामले में आरोपी राकेश हसनपुरिया की कांस्टेबल पत्नी सुनीता की हिरासत को उसके परिजन पुलिस की साजिश करार दे रहे हैं।

सुनीता के परिजनों की मानें तो सुनीता अपना सादा जीवन जी रही है। पति राकेश हसनपुरिया की हत्या को लेकर किसी से कोई रंजिश नहीं है।

सुनीता का बुलंदशहर के अगौता के गांव जौलीगढ़ में मायका है और सुनीता की गिरफ्तारी के बाद सुनीता के परिजनों में रोष है। सुनीता की भतीजी ने दावा किया है कि यदि पुलिस ने उन्हें भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए हमलें में फंसाया तो वो कोर्ट की शरण लेंगे।

बता दें कि कांस्टेबल सुनीता चौधरी जो इन दिनों गाजियाबाद के भाजपा नेता बृजपाल तेवतिया पर हुए हमले के आरोप में पुलिस की हिरासत में बतायी जा रही है। 

सुनीता चौधरी बुलंदशहर के गांव जौलीग में रहने वाले शीशपाल सिंह पुत्री है। लेकिन सुनीता की पुलिस हिरासत को लेकर परिजनों में रोष है। सुनीता की भतीजी की मानें तो वो शांति प्रिय तरीके से जीवन जी रही थी और दो योजनाओं में हसनपुर गांव की प्रधान भी रही है।

बता दें की सुनीता यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और इन दिनों बागपत के खेकड़ा में तैनात है। उस पर भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कराने का आरोप है।

तेवतिया के घायल मित्र ने कहा-दो-तीन गिरोहों ने मिलकर दिया अंजाम

- फोटो : अमर उजाला
सर्वोदय अस्पताल में भर्ती भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया के मित्र इंद्रपाल सिंह का मानना है कि इस घटना को दो-तीन गिरोह ने मिलकर अंजाम दिया है। अलग-अलग गिरोहों ने मिलकर हथियार, शूटर, रेकी आदि की व्यवस्था की होगी।

इंद्रपाल ने कहा कि मारे गए गैंगेस्टर राकेश हसनपुरिया की पत्नी सुनीता, मनोज और शेखर से उनकी दुश्मनी 15-20 साल पहले हुई थी लेकिन हाल के वर्षों में उनसे हमारा कोई टकराव नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस घटना में उनका हाथ रहा हो लेकिन उनकी भूमिका मुख्य हमलावर के समर्थक के रूप में हो सकती है, जैसे कि दो-चार दुश्मन मिलकर एक हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र से तेवतिया टिकट के प्रबल दावेदार हैं इसलिए इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोई उनसे राजनीतिक रंजिश रखता हो। पुलिस को अपनी जांच का दायरा बढ़ाना चाहिए।
विज्ञापन

- फोटो : अमर उजाला
घटना के दौरान ब्रजपाल तेवतिया की गाड़ी के साथ चल रही उनके गनर की गाड़ी पर जब गोलियां बरसाई गई थीं तभी उस गाड़ी का चालक बबलू कूद कर झाड़ियों में छिप गया था।

फिर उसी ने सबसे पहले निकट की पुलिस चौकी को घटना की सूचना दी थी। इससे पहले घायल इंद्रपाल ने चार बार सौ नंबर डायल किया था, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। तेवतिया के परिजनों ने बताया कि बबलू उनका रिश्तेदार है, बबलू के बारे में यह गलत अफवाह फैलाई गई थी कि वह मौके से भाग गया था।

नगर विकास मंत्री आजम खान द्वारा दिए गए बयान-‘जैसी करनी वैसी भरनी’ को भाजपा के वेस्ट यूपी के क्षेत्रीय मंत्री मयंक गोयल ने बेतुका बताया है। मयंक ने कहा कि ब्रजपाल तेवतिया पर कभी कोई एफआईआर या मुकदमा नहीं हुआ है।

फिर आजम खान ने किस आधार पर तेवतिया को आपराधिक छवि का आदमी कहा है, यह वे स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि अपनी कानून व्यवस्था की कमी को छिपाने के लिए आजम खान ने ऐसा बयान दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें