नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो गाड़ी ने सोमवार शाम यामाहा कंपनी के पास एक ऑटो में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो काफी दूर तक जाने के बाद पलट गया। दुर्घटना में मौके पर ही ऑटो चालक की मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर घायल को अस्पताल ले जाने के बजाय स्कॉर्पियो सवार वहां से चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने स्कॉर्पियो में पुलिस अधिकारी के सवार होने की बात कही है। वहीं हादसे के बाद पीड़ित के परिजनों समेत बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए।
जिसे इकोटेक पुलिस ने खदेड़ दिया और शव को आनन-फानन में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित भाई ने इकोटेक-3 थाना पुलिस को शिकायत दी है। खबर लिखे जाने तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। ग्राम पतवाड़ी ब्लॉक बिसरख क्षेत्र निवासी मनोज पाल ने शिकायत दी है कि वह और उसका भाई गजेंद्र (40 वर्ष) पुत्र सूरज सिंह अलग-अलग ऑटो में यामाहा कंपनी के पास रोड पर जा रहे थे। इस दौरान कंपनी की छुट्टी हुई थी।
मृतक ऑटो चालक गजेंद्र के हैं तीन बच्चे
पुलिस स्टेशन पर हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
गजेंद्र अकेले अपने ऑटो (नंबर यूपी 16 डीटी 2512) में आगे चल रहा था और पीछे मनोज सवारी लेकर आ रहा था। इस दौरान सामने से आ रही नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो (यूपी 16 एएच 0623) से टक्कर होने के बाद ऑटो पलटता हुआ दूर जा गिरा।
हादसे में प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि गाड़ी में पुलिस अधिकारी बैठे हुए थे। आरोप है कि स्कॉर्पियो कुछ सेकेंड रुककर वहां से भाग खड़ी हुई। थोड़ी देर बाद मौके पर इकोटेक-3 थाना पुलिस पहुंची। इस दौरान ऑटो चालकों और वहां मौजूद लोगों ने रोष जाहिर किया तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़कर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित भाई ने थाने में तहरीर दी है। हालांकि, जानकारी मिलने तक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
हादसे में मारे गए गजेंद्र के तीन बच्चे थे। वह ऑटो चलाकर ही अपने परिवार का पेट पाल रहा था। अब उसके जाने के बाद उसके बच्चों की देखरेख कौन करेगा।