बृहस्पतिवार को जहां सारे देश, प्रदेश एवं मेवात के मुस्लिम लोग ईद का त्यौहार बडे ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर सुलेला गांव में दो गुटों में खूनी संघर्ष के दौरान गांव के सरपंच नसीम अहमद एवं एक महिला सहित छह व्यक्ति घायल हो गए।
घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पातल में उपचार के लिए लाया गया। लडाई-झगड़े की सूचना मिलते ही थाना प्रबंधक करतार सिंह मौके पर पहुंच गए।
सिविल अस्पातल में गंभीर रूप से घायल सुलेला गांव के सरपंच नसीम अहमद ने बताया कि उनके गांव में पंचायत चुनाव से ही आपसी पार्टीबाजी चल रही है। उन्होंने कहा कि सरपंच का चुनाव हारने वाला गुट उन पर कई बार गलत आरोप भी लगा चुका है।
यूपी पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
सरपंच नसीम अहमद ने आरोप लगाया कि आज वह ईद की नमाज अता कर फिरोजपुर झिरका से जब गांव सुलेला में गया तो वहां पर सुनियोजित तरीके से उनके विरोधी गुट के लागों ने उस पर जमकर प्रहार किया।
नसीम अहमद को बचाने के लिए जब और व्यक्ति आए तो उन पर भी पथराव करने के साथ-साथ जानलेवा हमला लाठियों से बोल दिया।
नसीम अहमद ने आरोप लगाया कि उनके विरोधी गुट के हमलावरों ने कट्टे से चार हवाईफायर भी किये। जिसके बार सभी डर की वजह से वहां से भाग गए।
गांव में बना तनाव
उसने कहा कि उनके गुट के लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान जैसे तैसे बचाई। इस लडाई-झगड़े में सरपंच नसीम अहमद, सपात, साबिर, अकबर, उमर एवं हमीदी घायल हो गए।
सरपंच नसीम अहमद के सिर में गहरी चोट आई हैं। दोनों गुटों के लोगों में हुए खूनी संघर्ष के बाद गांव मे दोनों गुट के लोगों में तनाव बना हुआ है। पुलिस सारे हालात पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है। समाचार लिखे जाने तक सभी घायल सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थे।
‘सुलेला गांव में पथराव के साथ-साथ लाठीचार्ज हुआ है। गांव में एक पक्ष द्वारा गोली चलाए जाने के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। मौके पर ही पुलिस पहुंच गई थी। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाही की जाएगी।’
-करतार सिंह, थाना प्रबंधक, फिरोजपुर झिरका।