बिसाहडा विवाद के बाद गांव के युवकों को कंपनियों में रिज्यूम देने पर नौकरी नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इससे बिसाहड़ा के युवाओं के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
28 सितंबर की रात गोहत्या की सूचना पर इकलाख की हत्या के बाद बिसाहड़ा गांव देश भर में सुर्खियों में रहा। बिसाहड़ा के सैकड़ों युवाओं को पुलिस की कार्रवाई के डर से गांव छोड़ना पड़ा था।
इसके बाद कुछ युवा तो नौकरी पर समय से नहीं पहुंचने व कुछ अपने परिजनों के नाम बिसाहडा कांड में आने पर पैरवी के चलते ड्यूटी पर नहीं जा सके। उनकी नौकरी छूट गई।