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बिसाहड़ा के युवाओं को नौकरी का संकट, घटना के बाद से किनारा कर रहीं कंपनियां

Sat, 04 Jun 2016 09:20 AM IST
रिषिपाल सिंह /अमर उजाला, नोएडा
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
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बिसाहडा विवाद के बाद गांव के युवकों को कंपनियों में रिज्यूम देने पर नौकरी नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इससे बिसाहड़ा के युवाओं के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। 
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28 सितंबर की रात गोहत्या की सूचना पर इकलाख की हत्या के बाद बिसाहड़ा गांव देश भर में सुर्खियों में रहा। बिसाहड़ा के सैकड़ों युवाओं को पुलिस की कार्रवाई के डर से गांव छोड़ना पड़ा था। 

इसके बाद कुछ युवा तो नौकरी पर समय से नहीं पहुंचने व कुछ अपने परिजनों के नाम बिसाहडा कांड में आने पर पैरवी के चलते ड्यूटी पर नहीं जा सके। उनकी नौकरी छूट गई। 
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बिसाहड़ा का नाम सुनते ही लौटा देती हैं कंपनियां

वहीं, कई युवा जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में निकले हैं, उन्हें बिसाहड़ा का नाम सुनते ही नौकरी न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। गांव के अधिकतर युवा इस तरह की परेशानी झेल रहे हैं। 

गांव के युवा धीरेंद्र सिंह कहते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब किसी कंपनी व अन्य स्थान पर नौकरी की भर्ती की सूचना पाकर पहुंचते है तो गांव का नाम रिज्यूम में देखते ही पूछते हैं कि बिसाहड़ा के रहने वाले हो, कंपनी में वेकेंसी नही होने की बात कहकर लौटा देते हैं। 

इससे उनके सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। गांव के पूर्व प्रधान भाग सिंह का कहना है कि ग्रामीण अपना सबकुछ लगाकर किसी तरह अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। जब रोजगार मिलने में परेशानी होती है तो पूरे परिवार के सामने परेशानी पैदा होती है। 
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