इकलाख हत्याकांड के दौरान गांव के मंदिर के लाउडस्पीकर से एनाउंस कराने वाला साधु घटना के बाद से ही गायब है। गायब होने से पहले साधु पुलिस हिरासत में था। पुलिस ने युवकों की पहचान उससे ही कराई थी।
उसके बाद युवकों को आरोपी बना दिया गया। 28 सितंबर की रात बिसाहड़ा के मंदिर से एनाउंस के बाद ही युवक एकत्रित हुए थे। घटना के बाद मंदिर का साधू पुलिस हिरासत में तीन दिन तक रहा।
उसके बाद साधु मंदिर पर नहीं पहुंचा। साधु अब तक ग्रामीणों को नहीं मिला है। ग्रामीण साधु के गायब होने के पीछे पुलिस का हाथ मान रहे हैं। बिसाहड़ा कांड के बाद से ही मंदिर पर कोई भी पुजारी रहने को तैयार नहीं है।
मंदिर पर रहने के लिए नहीं तैयार कोई पुजारी
बिसाहड़ा कांड
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गांव का ही एक युवक मंदिर की हर रोज सफाई कर देता है। महिलाएं और पुरुष मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर में रहने के लिए कई पुजारियों से बात की, लेकिन कोई रहने के लिए तैयार नहीं है।
वहीं साध्वी हरसिद्धी गिरी ने कहा कि मांस की फोरेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि गांव में गोहत्या हुई है, जिससे गांव अपवित्र हो गया है। गांव को पवित्र करने के लिए मंत्रों के उच्चारण के साथ ही गोमूत्र का छिड़काव किया जाएगा।
शुद्धिकरण से गांव में शांति आएगी। गोहत्या मामले में दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि मांस कहां से मिला है तो मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।