नोटबंदी के बाद जहां डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिला है। वहीं साइबर अपराधियों की नजर आपके पेटीएम खातों पर है। पलक झपकते ही पेटीएम खातों से पैसा अन्य खातों में ट्रांसफर हो रहा है।
विज्ञापन
साइबर सेल के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई है। साइबर सेल में रोजाना आधा दर्जन से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं, जबकि शहर के थानों में रोजाना 30 से 35 मामले दर्ज किए जा रहे हैं। एक नए मामले में युवती के पेटीएम वालेट करीब 1 लाख 90 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए गए।
गुड़गांव स्थित एक निजी कंपनी में काम करने वाली कृति श्रीवास्तव सेक्टर-25 में रहती हैं। वे ऑनलाइन पासपोर्ट को रिन्यू कर रही थीं। इस दौरान कुछ ही मिनटों में उनके पेटीएम खाते से एक लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।
विज्ञापन
मैन इन द मिडल से रहें सावधान
साइबर क्राइम
- फोटो : Demo
उन्होंने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है। जहां जांच में पता लगा कि पैसे मुंबई के दो अलग-अलग पेटीएम वॉलेट में ट्रांसफर किए गए हैं, जिससे मोबाइल की खरीदारी भी की गई है।
पहले पेटीएम खाते में करीब एक लाख 50 हजार रुपये, वहीं दूसरे में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। यह पेटीएम खाते किसके हैं, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है।
साइबर सेल के एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने बताया कि पेटीएम वॉलेट से पैसा ट्रांसफर करना जितना आसान है। उतना ही कठिन मैन इन द मिडल से अपने पैसों को सुरक्षित रखना है।
दरअसल, ये साइबर हैकर आपके और सर्वर के बीच काम करते हैं। मसलन यदि आप अपने पेटीएम वॉलेट से पैसा दूसरे के वॉलेट में ट्रांसफर करते हैं तो उसी समय हैकर आपका मेल हैक कर आपकी पूरी डिटेल हासिल कर लेता है। वह पैसा जो दूसरे के खाते में जाना चाहिए, वह उनके द्वारा बनाए गए फर्जी खातों में ट्रांसफर हो जाता है।
- मोबाइल व कंप्यूटर से आप पेटीएम वॉलेट एक्टिव करते हैं उसमें एंटी वायरस जरूर होना चाहिए।
- किसी भी शख्स को अपने पेटीएम वॉलेट संबंधित जानकारी न दें।
- ओटीपी या ई-मेल संबंधित कोई भी जानकारी किसी को न दें।
- ऑनलाइन शिकायत करने पर खाता संबंधित जानकारी न लिखें।
- रिचार्ज व शापिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें।
अगर किसी के साथ कोई घटना घट जाती है तो वह तुरंत साइबर सेल में मामले की सूचना दें। इससे हैकरों पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन शिकायत करने में देरी होती है तो ठग का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। हमारी साइबर सेल की टीम इस मामले में काम कर रही है।
- दिनेश यादव, एसपी सिटी