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विदेश मंत्रालय में रह चुका चपरासी अब बन गया नामी ठग

Wed, 01 Feb 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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सीमापुरी इलाके में सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर 30 लाख से अधिक की ठगी करने वाले 73 वर्षीय ठग को उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने दबोचा है। आरोपी की पहचान मुईनुद्दीन चौधरी उर्फ एमएन चौधरी उर्फ एमएम चौधरी (73) के रूप में हुई है।
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मुईनुद्दीन ने अपनी महिला सहयोगी देबोश्री चक्रवर्ती (62) व अन्य के साथ मिलकर वर्ष 2014 में ठगी की थी। कोर्ट ने मुईनुद्दीन व देबोश्री को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। 13 जनवरी को पुलिस ने देबोश्री को पहले ही दबोच लिया था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मुईनुद्दीन व देबोश्री की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा था।


उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि सितंबर 2014 में प्रकाश चंद शर्मा नामक शख्स ने सीमापुरी थाने में 30.20 लाख रुपये ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकाश का कहना था कि उनके बेटे आशुतोष को सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर शशांक भांदरा, देबोश्री चक्रवर्ती और एमएन चौधरी उर्फ मुईनुद्दीन उर्फ एमएम खान ने 30.20 लाख रुपये ठग लिये थे। न तो इन लोगों ने बेटे को नौकरी दिलवाई और न ही रुपये वापस किए। 
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मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इधर, सभी आरोपियों ने अपने पते और फोन नंबर बदल दिए थे। मामले की सुनवाई के दौरान 25 नवंबर 2016 को कोर्ट ने देबोशीष और मुईनुद्दीन चौधरी को भगोड़ा घोषित कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने 13 जनवरी 2017 को दबोश्री को दबोच लिया।
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बाराखंभा रोड स्थित इंदर प्रकाश बिल्डिंग में शानदार ऑफिस बनाया

demo pic - फोटो : अमर उजाला
दबोश्री से पूछताछ हुई तो पता चला कि ठगी के बाद आरोपी रिक्शा में अपना सामान रखकर गया था। वहीं उसके पांच बच्चे भी जीटीबी एंक्लेव के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी आसपास ही कहीं छुपकर रह रहा है।

छानबीन के बाद सोमवार को पुलिस ने फ्लोराडील पब्लिक स्कूल के बाहर से आरोपी मुईनुद्दीन को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने ठगी की बात कबूल की। 

दिल्ली पुलिस की मानें तो मूलरूप से असम का रहने वाला मुईनुद्दीन करीब 40 साल पहले दिल्ली आया था। यहां आने के बाद उसने 80 के दशक में विदेश मंत्रालय में छह साल चपरासी की नौकरी की थी। बाद में नौकरी छोड़कर उसने ठगी का धंधा शुरू कर दिया।

आरोपी ने बाराखंभा रोड स्थित इंदर प्रकाश बिल्डिंग में शानदार ऑफिस बनाया। यहां तक उसने कई लोगों को अपने यहां काम पर रखा। मुईनुद्दीन को बोलने में महारत हासिल थी। इसके अलावा ब्रांडेड कपड़े पहनकर लोगों को प्रभावित करता था। कुछ समय मुईनुद्दीन की माली हालात खराब हुई तो उसने कई पांच सितारा होटलों में वेटर और रूम अटेंडेंट की नौकरी भी की थी।
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