मेवात में गोवंश को बचाने के लिए लोगों की दिलचस्पी अभी दिखाई नहीं दे रही है। जबकि बीफ का मुद्दा कम गंभीर नहीं है। लोगों को आगे आकर इस बुराई का कड़े शब्दों में विरोध करना होगा। यही नहीं जरूरत पड़े तो गोतस्करों व गोकशी करने वालों का हुक्का-पानी बंद हो।
ये बातें समाजसेवी रियाजुद्दीन ने ऐतिहासिक बड़कली चौक पर लोगों को संबोधित करते कही। उन्होंने कहा कि गोकशी और तस्करी का मुद्दा मर्डर व गैंगरेप से कम नहीं है।
क्योंकि गोकशी के कारण मेवात का अटूट भाईचारा प्रतिदिन टूटता जा रहा है। इसलिए लोग अपने-अपने गांवों में गोवंश बचाने के लिए निगरानी कमेटियां बनाकर खुद प्रयास शुरू करें।
मेवात के मुसलमान कोई ऐसा काम न करें जिससे हिंदुओं को कोई तकलीफ न हो। इस्लाम धर्म कतई ही इस बात की इजाजत नहीं देता कि उसका पड़ोसी दुखी रहे।
उन्होंने कहा कि मेवात के कुछ गांवों के चंद लोग ही इस काम में लगे हैं। अगर सामाजिक तौर पर उनका बहिष्कार किया जाए तो गायों को बचाया जा सकता है।
खास बात ये हैं कि अभी तक कुछ लोग दूर से बातें कर रहे हैं, ऐसे लोगों को सामने आकर उन दरिंदों पर लगाम कसने की आवश्यकता है जो खुलेआम गोतस्करी एवं गोकशी में संलिप्त हैं। गाय बचाओ अभियान के संरक्षक रियाजुद्दीन ने कहा कि मेवात क्षेत्र में एक खास कौम गोकशी के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश में गोसरंक्षण एवं गोसंवर्धन कानून 2015 में गोतस्करी और गोकशी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। जो लोग नहीं मानें उन्हें पुलिस के हवाले किया जाए।
उन्होंने ये भी बताया कि नगीना क्षेत्र के कई गांवों में कैंडल मार्च के जरिये गाय बचाने का संदेश दिया जा चुका है। गाय बचाओ कैंडल मार्च मेवात में प्रत्येक गांव तक पहुंचेगा।