मुरादनगर में डकैती के 24 घंटे बाद ही बावरिया गिरोह (कच्छा बनियानधारी) ने साहिबाबाद के निस्तौली गांव के एक घर में रविवार की रात डाका डाला। गिरोह ने घर में घुसते ही सरियों और धारदार हथियारों से परिवार पर हमला बोल दिया।
हमले में मकान में रहने वाली मुंद्रेश की विवाहित बेटी अंजली (23) की मौत हो गई। जबकि मुंद्रेश, उनकी दो बेटियां और बेटा घायल हो गए। बदमाश ज्वैलरी और अन्य सामान ले लूटकर गए।
एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ और अन्य अधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। हालांकि इस घटना के बाद से इलाके के लोग दहशत में हैं।
टीला मोड़ से कुछ दूरी पर निस्तौली गांव में मुंद्रेश (48) अपनी बेटी प्रीती (18), अंतिम (12) और बेटे शेखर (10) के साथ रहती हैं। उनकी बड़ी बेटी अंजली की शादी मेरठ निवासी शेखर से करीब तीन साल पहले हुई थी। अंजली कुछ दिन पहले अपने बेटे अंश (2) के साथ मायके आई हुई थीं।
रविवार रात को सभी घर के बाहर बने आंगन में सो रहे थे। तभी कच्छा बनियान पहने आधा दर्जन से अधिक बदमाश पीछे की दीवार फांदकर अंदर घुस आए। बदमाशों ने मुंद्रेश और अंजली के सिर में सरिया मार दिया।
प्रीती, शेखर और अंतिम के साथ भी मारपीट की। बदमाश मुंद्रेश और प्रीति के कान के कुंडल, ज्वैलरी और एक बक्सा लेकर भाग गए। करीब एक घंटे बाद होश में आए शेखर और अंतिम ने आसपास के लोगों को इकट्ठा किया।
गंभीर रूप से घायल मुंद्रेश और अंजली को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल रेफर कर दिया गया। अंजली की सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
मुंद्रेश और प्रीती की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि शेखर और अंतिम की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अंश कमरे में सो रहा था। उसके भी गले में मामूली खरोंचे आई हैं।
फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम के साथ एसपी सिटी शिवहरि मीणा और सीओ बार्डर मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने भी मौका मुआयना किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए।
लूटा गया बक्सा भी घर से कुछ ही दूरी पर खाली मैदान में पड़ा मिला। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में लग रहा है कि घटना को लूट के इरादे से अंजाम दिया गया है।
परिवार के लोगाें पर हमला किया गया है। पीड़ितों के अनुसार सभी बदमाशाें ने कच्छा बनियान पहना था व भारी और धारदार हथियार लिए थे।
जंगल के बीच बने हैं तीन मकान
दरअसल, मुंद्रेश का मकान निस्तौली गांव से लगे जंगल के बीच में बना है। उनके पति आदेश की करीब 17 साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद से वे भैंसों का दूध बेचकर अपना घर चलाती हैं।
आसपास सिर्फ तीन मकान बने हैं। सुनसान इलाके का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।