यमुना एक्सप्रेसवे पर कार सवार परिवार व दो अन्य वारदात को अंजाम देने वाले एक्सल गिरोह का जेवर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एक के बाद एक हुर्ई वारदात के बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बड़ा दी थी और एक्सल गिरोह से सावधान रहने को होर्डिंग भी लगाए गए थे। पुलिस ने अब गिरोह के दो सदस्यों सगे भार्ई को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जेवर के एक सुनार से लूटे गए आभूषण, नकदी बरामद कर ली है। गिरोह के दो शातिर सदस्य गिरफ्तार आरोपियों के रिश्तेदार अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
एसपी देहात सुजाता सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर को जेवर क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानतपुर गांव के पास एक्सल फेंककर बदमाशों ने स्विफ्ट कार रोक ली थी। बदमाशों ने हथियारों के बल पर कानपुर से दिल्ली जा रहे व्यपारी और उसके परिवार की महिलाओं से नकदी आभूषण लूट लिए थे। इस घटना से कुछ देर पहले बदमाशों ने एक डस्टर कार को रोककर भी लूटपाट की थी। हालांकि डस्टर सवारों ने पुलिस को वारदात की सूचना नहीं दी थी।
इससे पहले 22 दिसंबर को बदमाशों ने बस में पंक्चर होने के दौरान कंडक्टर सुशील शर्मा से हथियार के बल पर लगभग 26423 रुपये लूट लिए थे। पुलिस गिरोह की तलाश में जुटी थी। जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार शर्मा की टीम ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान कर रामेश्वर उर्फ लाला और उसके भाई सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते निवासी बनी इसराईल जेवर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरुप से पलवल निवासी हैं और उनका एक भाई सतबीर पहले लूट के आरोप में जेल जा चुका है। आरोपियों ने लूटे गए आभूषण जेवर कस्बे के ही एक सुनार को बेच दिए। पुलिस ने सुनार से लूटी गई तीन चेन, कुंडल, टॉप्स, पाजेब और बदमाशों से 19500 व दो तमंचे बरामद किए।
पल्लेदारी कर बना दिया एक्सल गिरोह
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- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में पल्लेदारी करते थे। उनके साथ ही पल्लेदारी करने वाले पश्चिम बंगाल के नदिया जिला निवासी रामेश्वर की पत्नी के भाई मनोज दास व जीवन ने उन्हें एक्सल फेंक लूट करने की सलाह दी। इसके बाद उन दोनों के साथ मिलकर ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद मनोज और जीवन भाग गए।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह केवल अंधियारी रात में वारदात करते थे। फरार आरोपी मनोज और जीवन एक्सल अपने पास रखते थे। दोनों एक्सप्रेसवे के किनारे पांच सौ मीटर के दायरे में खड़े हो जाते थे। अगले पांच सौ मीटर के दायरे में वह रामेश्वर और सत्यप्रकाश को खड़ा करते थे। कानपुर के परिवार को लूटने के लिए पहले मनोज ने एक्सल फेंका ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी तो जीवन ने एक्सल फेंका।
एक्सल तेज रफ्तार गाड़ी से टकराकर ऐसे आवाज करता है, जैसे गाड़ी में कोई बड़ा पुर्जा टूट गया हो। गाड़ी रुकते ही पहले रामेश्वर और सत्यप्रकाश हथियार लेकर कार को घेर लेते, फिर मनोज और जीवन भी दौड़कर कार के पास पहुंच जाते।