ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित बिस्कुट प्रिया गोल्ड फैक्ट्री में हुई तोड़फोड़ व पुलिस टीम पर हमले के मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किए हैं। इनमें 13 लोगों को नामजद किया है और 300 अज्ञात कर्मचारियों पर केस हुआ है। एक एफआईआर प्रिया गोल्ड के जीएम ने दर्ज कराई है और दूसरी पुलिस की ओर से दर्ज की गई है।
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पथराव व हमले में सूरजपुर कोतवाली प्रभारी मनीष सक्सेना व नॉलेज पार्क थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी भी घायल हो गए हैं। मौके पर पहुंची एसपी देहात सुनीति को भी एक-एक पत्थर लगने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने बवाल के बाद बल प्रयोग करते हुए 17 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार को प्रिया गोल्ड बिस्कुट फैक्ट्री में काम करने के दौरान प्रबंधक व एक कर्मी का विवाद हो गया था। विवाद में सुपरवाइजर भी बोलने लगा। इसके चलते प्रबंधन व कर्मियों में विवाद गहरा गया। कर्मचारियों ने लामबंदी शुरू कर दी। शाम लगभग साढ़े सात बजे कर्मचारी फैक्ट्री के गेट पर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। रात 8 बजे दूसरी शिफ्ट के कर्मचारियों को भी उन्होंने गेट पर रोक लिया। फिर कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया और फैक्ट्री में हंगामा व तोड़फोड़ करने लगे।
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कर्मचारियों ने फैक्ट्री के भीतर लगे छोटे पेड़ों को तोड़ दिया और सिक्योरिटी गार्ड रूम में जमकर तोड़फोड़ की। फिर मालिकों की एक मर्सडीज व दो इनोवा के शीशे तोड़ दिए। बाद में फैक्ट्री पर भी पथराव किया। इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। पुलिस सूचना पर पहुंची तो आक्रोशित कर्मचारियों ने पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया। इसमें दो एसएचओ, एसआई श्योराज, महीपाल समेत 10 पुलिसकर्मी घायल हुए।
बाद में पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स बुलाकर आरोपियों पर लाठी चार्ज कर काबू करना शुरू कर दिया। पूरे मामले में प्रिया गोल्ड के महाप्रबंधक देवदत्त त्यागी ने और पुलिस ने अपनी ओर से भी 13 नामजद समेत 300 अज्ञात लोगों पर बलवा, पथराव, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज, हत्या की कोशिश, सरकारी कार्य में बाधा आदि संगीन धाराओं में दो केस दर्ज किए हैं।
प्रिया गोल्ड फैक्ट्री के सूत्रों का कहना है कि कंपनी का एक अधिकारी छोटी-छोटी गलती होने पर कर्मचारियों से मारपीट करता था। इसको लेकर कर्मचारियों में कई दिन से आक्रोश था। बृहस्पतिवार को भी एक कर्मचारी के काम करने के दौरान बिस्कुट का डिब्बा उसके हाथ से गिर गया था। आरोप था कि इसको लेकर कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया गया। इसके चलते विवाद बढ़ गया और अन्य कर्मी भी उनके साथ हो लिए।
इनकी हुई गिरफ्तारी
कोतवाली प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि उमेश, हरनाम, विशाल शुक्ला, महिपाल, रामवीर, नीरज, शेष कुमार, गोविंद, अशोक, अभिषेक, हरिओम, संजय चौरसिया और मोंटी के अलावा 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हरनाम, विशाल शुक्ला, महीपाल, रामवीर, नीरज, शेष कुमार, गोविंद, संजय शर्मा, मोर मुकुट, विपिन, अख्तर अली, रसमी अहमद, जावेद, अवनीश, रोहित, आदेश और राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।