आधे घंटा तक सामने खड़ी मौत को देखता रहा। जिस तरफ से निकला उसी तरफ हमलावरों के आदमी हाथों में लाठी, डंडे व पत्थर लिए खड़े हुए थे।
हमलावरों द्वारा चलाई गई गोलियों से वह बाल-बाल बचा। यह कहना है विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर व कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आजाद मोहम्मद का।
सिविल लाइन पर स्थित निवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजाद मोहम्मद ने कहा कि ईद पर वह मल्लाहका गांव में अपने रिश्तेदार की हुई मौत के बाद मिट्टी में शामिल होने गए थे।
वहां से वह अपने बड़े भाई हाजी इलियास के साथ पैतृक गांव नीमखेड़ा चले गए। गांव नीमखेड़ा से फिरोजपुर झिरका आते समय गांव के ही दर्जनों लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया। इसके के साथ ही लाठियों व डंडों से हमला बोल दिया।