एटीएम में किसी अजनबी की मदद नहीं लेेने की सलाह की अनदेखी एक रिटायर्ड रेलवे कर्मी को भुगतनी पड़ी। मदद के नाम पर शातिर ने उनका डेबिट कार्ड बदल लिया और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए एक लाख रुपये एसबीआई कानपुर के एक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जयसेन बरुआ सेक्टर 86 स्थित ओमेक्स हाइट्स में रहते हैं। 22 फरवरी को उन्हें कुछ रुपयों की जरूरत हुई।
शाम करीब सवा सात बजे वह लिंक रोड स्थित एसबीआई के एटीएम में रुपये निकालने पहुंचे। उन्होंने मशीन में कार्ड डाला, इस दौरान एक युवक उनके पीछे आकर खड़ा हो गया। जयसेन के मुताबिक रुपये निकालने का पहला प्रयास उनका विफल हो गया।
इस पर पीछे खड़ा युवक बोला कि अंकल आपने कार्ड ठीक से नहीं लगाया है और उनका कार्ड मशीन से खींच लिया। वह कुछ समझ पाते तब तक युवक ने उनके कार्ड जैसा कार्ड मशीन में डाल दिया।
रुपये न निकलने पर मशीन में कैश नहीं होने की बात कर फुर्ती से बाहर निकल गया। मोबाइल पर मैसेज देखकर जयसेन को ठगी का एहसास हुआ उनके अकाउंट से एक लाख से अधिक रुपये निकाले जा चुके थे।
उन्होंने तुरंत कार्ड को ब्लॉक कराया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कैलाश चंद ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ठग का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।