चमचमाती हुई एसएक्स-4 कार, उस पर सेना की नंबर प्लेट और लाल बत्ती। खुद को भारतीय सेना का सूबेदार बताकर सेना का ही एक पूर्व हवलदार इस कार में दिल्ली से गुजरात शराब की तस्करी कर रहा था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पूर्व हवलदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी कार से शराब की 600 बोतलें बरामद हुईं। सभी पर सेना की कैंटीन का नकली लेबल लगा था।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश निवासी पूर्व हवलदार कृपाशंकर शर्मा (45), दिल्ली निवासी महेश सिंह (34) और प्रवीन द्विवेदी (28) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि सेना का पूर्व हवलदार शराब की तस्करी में शामिल है।
वर्दी में चलाता था कार और वीआरएस लेकर शुरू की शराब तस्करी
क्राइम ब्रांच ने की गिरफ्तारी
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वह लग्जरी कार पर सेना की नकली नंबर प्लेट और लाल बत्ती लगाकर दिल्ली से गुजरात शराब सप्लाई कर रहा है। सूचना के बाद एसीपी ईश्वर सिंह और एएसआई विष्णु भगवान की टीम ने तीनों आरोपियों को गोपीनाथ बाजार, दिल्ली कैंट इलाके से मारुति एसएक्स-4, कार समेत दबोच लिया।
वीआरएस लेकर शुरू की शराब तस्करी
पुलिस पूछताछ में गैंग सरगना कृपा शंकर ने बताया कि वर्ष 1991 में उसने सेना में सिपाही की नौकरी शुरू की थी। बाद में 2012 में उसने हवलदार के पद से वीआरएस ले लिया।
इसके बाद एक लग्जरी कार खरीदकर उस पर सेना की नकली नंबर प्लेट और लाल बत्ती लगाकर शराब की तस्करी शुरू कर दी। गुजरात में शराब पर पाबंदी है, इसलिए ये लोग मोटे मुनाफे के लिए दिल्ली से गुजरात शराब ले जाने लगे।
प्रवीन सेना की वर्दी में कार चलाता था। कृपाशंकर सूबेदार की वर्दी में कार में पीछे बैठता था। वहीं, महेश चालक के साथ वाली सीट पर बैठता था। हर ट्रिप पर इन लोगों को पचास हजार रुपये बच जाते थे।