सट्टा कारोबारी अनुराग उर्फ अन्नू को गुरु बनाने वाले धौज के आरिफ ने हारे हुए 18 लाख रुपये नहीं चुकाने के लिए उसे मौत के घाट उतारा था। शव को नहर में फेकने से पहले अन्नू की सोने की चेन और अंगूठी भी निकाल ली गई थी।
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी आरिफ ने हत्या में साबू सहित तीन अन्य के शामिल होने की बात कुबूल की। पुलिस ने सभी पांच हत्यारोपियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्यारोपी आरिफ ने बताया कि वह और उसके साथी जल्द ही अमीर बनना चाहते थे लेकिन सट्टे में अनाड़ी है। कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात अनुराग से हुई। अनुराग को गुरु बनाकर उससे सट्टे के दांवपेंच सीखने शुरू किए।
अन्नू के जरिए उन्होंने पिछले दो तीन मैचों में सट्टा लगाया जिनमें कुछ रुपये जीते लेकिन नौ लाख रुपये हार गए। 1 फरवरी को भी अन्नू को भिवाड़ी ले जाकर भारत इंग्लैंड के बीच हो रहे मैच में बोली लगवाई थी लेकिन इस रात भी 2.70 लाख रुपये हार गए।
हत्यारोपियों ने बताया कि अनुराग जिस बड़े सटोरिए के यहां बोली लगाता था वहां उसकी आवाज पहचानी जाती थी अनुराग की ही आवाज पर बोली मानी जाती थी। यही वजह है कि 1 फरवरी को भिवाड़ी ले जाकर अनुराग से ही मैच में बोली लगवाई थी लेकिन फिर 2.70 लाख रुपये हार गए।
इससे पहले भी यह लोग अनुराग की ही मार्फत बोली लगवाकर 9 लाख रुपये हारे थे। यह रकम चुकाने के लिए सटोरिया अनुराग पर दबाव डालता और वह इन आरोपियों पर। अनुराग के मरने से उन्हें यह रकम नहीं चुकानी पड़ती इसलिए हत्या की साजिश रची।
तीसरे दिन भी नहीं मिला शव, एक नंबर बाजार बंद की
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- फोटो : अमर उजाला
केबल ऑपरेटर अनुराग शर्मा का शव तलाशने आई नौसेना टीम भी तीसरे दिन आगरा नहर खंगालती रही। नहर का पानी भी पीछे से बंद करवाया गया इससे पानी कुछ घटा तो लेकिन नहर पूरी तरह खाली नहीं हुई। नौसेना के गोताखोरों के अलावा दमकल टीम और स्थानीय तैराक भी करीब चार किलोमीटर की दूरी तक शव की खोज में डुबकियां लगाते रहे।
नौसेना की टीम भी आधुनिक उपकरणों के साथ खोजबीन करती रही लेकिन शव का कुछ पता नहीं लगा। तीसरे दिन भी शव नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने शनिवार को एनआईटी एक बाजार करीब चार घंटे बंद रखी।
कारोबारियों का आरोप था कि पुलिस शव खोजने में लापरवाही बरत रही है। बंद के दौरान पूर्व पार्षद राजेश भाटिया और हनुमान मंदिर संस्था के प्रधान राजेश भाटिया ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने सारी वस्तुस्थिति का खुलासा रविवार तक नहीं किया तो फिर से सड़क जाम की जाएगी।
फिलहाल शव खोजा जा रहा है, जब तक शव नहीं मिलता हत्या की बात किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। पकड़े गए आरोपियों से अलग अलग पूछताछ की गई सबने लगभग एक ही जगह शव फेकने की बात बताई। उनसे मिली जानकारी के मुताबिक ही नहर में शव खोजा जा रहा है। शव के आगे बह जाने की भी संभावनाएं हैं। आगे के थानों को सूचित कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर सुरेश भड़ाना, एसएचओ कोतवाली