पुलिस कस्टडी से फरार शार्पशूटर अंकित गुर्जर अपना अलग गैंग तैयार करने की फिराक में है। पुलिस के मुताबिक सुंदर भाटी, बलराम ठाकुर और अनिल दुजाना जैसे बदमाशों के जेल में बंद होने का फायदा उठाकर वह खुद का वर्चस्व कायम करने की तैयारी में है।
दरअसल, महराज गंज की जेल से पेशी पर लाया गया नरौली गांव निवासी शार्पशूटर अंकित गुर्जर 25 अप्रैल को पुलिस कस्टडी से भाग गया था। उस पर पूर्व में 75 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस, एसटीएफ और सर्विलांस की टीम लगी हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो अंकित के फरार होने के पीछे उसका मकसद अलग गैंग बनाने का है। उस पर हत्या और रंगदारी मांगने के अलावा अन्य मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में वह खुद को बचाने के लिए ही पुलिस कस्टडी से फरार हुआ है। हालांकि अंकित की तलाश में जुटी टीमों को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
दीपक हापड़ पर पुलिस की नजर
पुलिस कस्टडी से अंकित को भगाने में शामिल रहा दीपक हापड़ की भी तलाश पुलिस कर रही है। माना जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान अंकित का काम दीपक ही देखता है। 25 मई को एक सोसायटी के फ्लैट से भगाने में दीपक का हाथ था। इसके चलते उस पर भी मुकदमा दर्ज है। सूत्रों ने बताया कि अंकित के फरार होने के बाद पुलिस ने दीपक को पकड़ लिया था, लेकिन उसे निर्दोष मानकर छोड़ दिया था। एसएसपी किरण एस ने बताया कि दीपक भी शातिर अपराधी है। उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।