बहुचर्चित सॉफ्टवेयर इंजीनियर मेरठ निवासी अंकित हत्याकांड की गुत्थी यूपी एसटीएफ ने सुलझाने का दावा किया है। यूपी एसटीएफ ने दावा किया है कि अंकित की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने आरोपियों के पास से वारदात में शामिल एक कार और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद कर ली है।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया अंकित की हत्या उनकी एसयूवी कार लूटने के मकसद से की गई थी, लेकिन गोली चलने की आवाज सुनकर घटनास्थल पर कई लोग जमा हो गए थे। इसकी वजह से आरोपी अपनी योजना में कामयाब नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि एक आरोपी को दिल्ली के धौलाकुआं इलाके से तथा दूसरा गाजियाबाद से पकड़ा गया है।
हत्यारोपियों ने वारदात से पहले और वारदात के बाद योजना बनाकर पुलिस व जांच एजेंसियों को 25 महीने तक छकाया। 26 अप्रैल 2016 को कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने केस की जांच शुरू की।
सीबीआई ने मुख्यारोपी शशांक का स्कैच जारी कर उस पर 5 लाख रुपये इनाम की घोषणा की लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। अब, एसटीएफ शशांक जादौन के हाथ के दो टैटू और उसकी होंडा अकॉर्ड कार के वीआईपी नंबर तक तीनों आरोपियों तक पहुंचने और बहुचर्चित केस का खुलासा करने में कामयाब हो गई।
एसटीएफ के मुताबिक, तीसरा हत्यारोपी मनोज कुमार ट्रक व कार मैकेनिक है। उसे कार के इंजन आदि की भी खासी जानकारी है। मनोज की मदद से ही हत्यारोपियों ने कार वारदात के बाद हत्यारोपियों ने पुलिस व जांच टीमों से बचने के लिए मैकेनिक मनोज की मदद से अकॉर्ड कार की प्लेट बदलवार्ई थी। आरोपियों ने वारदात के दौरान कार का नंबर यूपी 14 एबी 2200 के स्थान पर बदलकर यूपी 14 बीए 2300 कर लिया था।
जांच टीमों ने दिल्ली एनसीआर में चल रहीं सभी होंडा कारों का डेटा प्राप्त कर पड़ताल की थी। इसमें पता चला कि उक्त नंबर नहीं मिली। इससे मिलता जुलता नंबर यूपी 14 एबी 2200 की पड़ताल की गई तो पता चला कि ये कार मालिक ने शशांक जादौन को बेची है। शशांक के हुलिया की पूछताछ की। वारदात के चश्मदीद अंकित के दोस्त गगन ने जांच टीमों को जानकारी दी थी कि हत्यारोपी के हाथ में दो टैटू बने थे।
इससे कार मालिक के भी कार खरीदार के हाथ में टैटू होने की जानकारी पर टीम को संदेह बढ़ गया। पड़ताल करने पर पता चला कि आरोपी जयपुर में है तो टीम जयपुर पहुंची लेकिन वह वहां से दिल्ली के लिए निकल गया था। टीम ने बृहस्पतिवार को शशांक को दिल्ली के धौलाकुआं से हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात की जानकारी दे दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मनोज को भी गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त नंबर प्लेट को भी बरामद कर लिया।