दिल्ली की सीमा से सटे इलाकों में मवेशी चोरी करने वाले लुकमान उर्फ टिल्लू गैंग ने खुलासा किया है कि वह मवेशियों को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया करते थे। इसके बाद सभी मवेशियों को टाटा-407 में भर दिया जाता था।
एक टैंपो में करीब 16 मवेशियों को भरने के बाद आरोपी इनको गाजियाबाद के डासना में मंजूर नामक शख्स के पास ले जाकर बेच देते थे। मंजूर इन सभी मवेशियों को कसाइयों को बेच दिया करता था। पुलिस को मंजूर की तलाश है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि एसीपी संजय सहरावत व इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह चाहर व अन्य की टीम ने आरोपियों को दबोचा है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि वे 100 से अधिक मवेशी चोरी, वाहन चोरी, लूटपाट व चोरी की अन्य वारदात में शामिल रहे हैं।
फिलहाल इनकी गिरफ्तारी से 25 मामले सुलझे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो टैंपो, चार तमंचे, दस कारतूस और चोरी करने में इस्तेमाल किया जाने वाला अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर छानबीन कर रही है।
बता दें कि अपराध शाखा ने हल्की मुठभेड़ के बाद लोनी (यूपी) निवासी परवेज अली उर्फ राणा (23), लुकमान उर्फ टिल्लू (32), नहाल, मसूरी (गाजियाबाद) निवासी आबिद (25), मसूरी, (गाजियाबाद) निवासी कमरू (27) और लोनी निवासी शाहजाद (21) को दबोचा था।