एमिटी यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने शुक्रवार दोपहर हॉस्टल के रूम में बेड की चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने तेलुगू भाषा में लिखा सुसाइड नोट मिला है, लेकिन उसमें आत्महत्या का कोई कारण नहीं लिखा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सेक्टर-39 पुलिस ने बताया कि आंध्र प्रदेश के तेलंगाना सतपल्ली निवासी एडवोकेट जी. दीनदयाल ने अपने बेटे जी. साईकृष्णा का एमिटी यूनिवर्सिटी में फैसिलिटी डिप्लोमा मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला कराया था।
करीब तीन माह से जी. साईकृष्णा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कमरा नंबर 16 में दो अन्य छात्रों के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। दिवाली की छुट्टियों में वह घर भी नहीं गया था। सोमवार से उसकी कक्षाएं शुरू होनी थीं।
शुक्रवार सुबह उसके दोनों रूममेट किसी काम से बाहर गए थे। वह कमरे में अकेला था। दोपहर करीब ढाई बजे जब दोनों लौटे तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो छात्रों ने खिड़की से अंदर देखा।
जी. साईकृष्णा पंखे में पड़े फंदे से लटका था। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को जानकारी दी। शाम करीब 4 बजे एमिटी के अफसरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कुंडी तोड़कर दरवाजा खोला और शव को फंदे से उतारा।
एमिटी की जनसंपर्क अधिकारी सविता मेहता ने बताया मामले की जांच के लिए उनकी ओर से जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या के पीछे कोई पारिवारिक कारण प्रतीत हुो रहा है और कॉलेज का इससे कोई संबंध नहीं है।छात्र पढ़ने में तेज था और उसकी उपस्थिति भी पूरी थी।
माता-पिता से बहन का ख्याल रखने को कहा
कमरे से तेलुगू भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने माता-पिता को बहन का ख्याल रखने के लिए कहा है। हालांकि उसने आत्महत्या का कारण नहीं लिखा। उसने यह कदम किसी पारिवारिक कारण या किसी दोस्त के चलते तो नहीं उठाया, इसकी जांच की जा रही है।-अमरनाथ यादव, इंस्पेक्टर सेक्टर-39