तिहाड़ जेल में संदिग्ध हालात में विचाराधीन कैदी सिराजुद्दीन (38) की मौत हो गई। उसका शव जेल-आठ के शौचालय में लटका मिला।
पुलिस का कहना है कि कैदी ने आत्महत्या की, जबकि परिजनों का आरोप है कि सिराजुद्दीन की हत्या की गई। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। तिहाड़ में पिछले एक पखवाड़े में चार कैदियों की मौत अलग-अलग कारणों से हो चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, इस वर्ष मार्च से तिहाड़ जेल-आठ में बंद सिराजुद्दीन ने रविवार दोपहर करीब तीन बजे जेल के शौचालय में फांसी लगा ली। डीडीयू अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। न्यायिक हिरासत में मौत होने की वजह से मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।
मृतक के रिश्तेदार अकिल ने बताया कि सिराजुद्दीन ने कड़कड़डूमा कोर्ट में पुलिस वालों के खिलाफ बयान दिया था, इसी वजह से उसकी हत्या की गई है। अकिल ने आरोप लगाया कि जिस रस्सी के सहारे खुदकुशी की बात पुलिस कह रही है वह गलत है।
सिराजुद्दीन का वजन 80 से 90 किलोग्राम था, उस रस्सी से फांसी संभव नहीं है। सिराजुद्दीन पर दिल्ली में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज था और इसी मामले में तिहाड़ में बंद था।
सिराजुद्दीन पर पत्नी की हत्या का मुकदमा भी उत्तर प्रदेश में चल रहा था। सिराजुद्दीन पहले दिल्ली में ही रहता था लेकिन 2013 में मकान बेचकर बिजनौर (यूपी) स्थित नाडौर में शिफ्ट हो गया था।